UP Election 2027: जानिए कुशीनगर की रामकोला सीट का सियासी गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक बिसात बिछने लगी है। सभी प्रमुख दल पूर्वांचल के रणनीतिक रूप से अहम कुशीनगर जिले की सीटों पर खास फोकस कर रहे हैं। इनमें से एक प्रमुख सीट है रामकोला विधानसभा (335), जो अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित है। लगभग 92 प्रतिशत ग्रामीण मतदाताओं वाली इस सीट की खासियत यह है कि आरक्षित होने के बावजूद यहां की चुनावी दिशा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सवर्ण मतदाताओं के रुख से तय होती है।
रामकोला का जातीय समीकरण: किसकी कितनी ताकत?
तराई बेल्ट और बिहार सीमा से सटे होने के कारण रामकोला सीट का सामाजिक ताना-बाना काफी दिलचस्प है:
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दलित (SC/ST) मतदाता: कुल आबादी का लगभग 17% से 19% हिस्सा दलित वर्ग का है, जिसमें गोंड, जाटव और धोबी समाज की संख्या सबसे प्रभावी है।
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ओबीसी वर्ग: चुनावी नतीजों में सैंथवार (कुर्मी) और मौर्य-कुशवाहा समाज की भूमिका बेहद निर्णायक मानी जाती है। वहीं, यादव मतदाता पारंपरिक तौर पर समाजवादी पार्टी के मजबूत आधार के रूप में देखे जाते हैं।
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सवर्ण एवं मुस्लिम मतदाता: ब्राह्मण और क्षत्रिय वर्ग की अच्छी-खासी आबादी यहां भाजपा के कोर वोट बैंक के रूप में असर दिखाती है, जबकि 13% से 14% मुस्लिम मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
स्थानीय भूगोल और प्रमुख चुनावी मुद्दे
रामकोला विधानसभा क्षेत्र उत्तर में खड्डा और महराजगंज, तथा दक्षिण-पूर्व में पडरौना व कप्तानगंज से घिरा हुआ है। छोटी गंडक नदी और स्थानीय नालों के चलते यह क्षेत्र बेहद उपजाऊ है और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए प्रसिद्ध है।
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गन्ना किसान और चीनी मिलें: बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू कराना और किसानों को गन्ने के बकाए का समय पर भुगतान यहां का सबसे बड़ा और स्थायी मुद्दा है।
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बाढ़ और जलभराव: मानसून के दौरान छोटी गंडक और स्थानीय नालों से होने वाला जलभराव किसानों की फसलों और ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनता है।
पिछले तीन विधानसभा चुनावों के परिणाम
1. विधानसभा चुनाव 2022: 2022 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विनय प्रकाश गोंड ने रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी।
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विनय प्रकाश गोंड (BJP): 1,24,792 वोट (58.27%) — विजेता
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पूर्णमासी देहाती (SBSP – SP गठबंधन): 52,249 वोट — 72,543 वोटों से पराजित
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विजय कुमार (BSP): 23,038 वोट — तीसरा स्थान
2. विधानसभा चुनाव 2017: 2017 में मोदी लहर के बीच भाजपा-सुभासपा गठबंधन के प्रत्याशी रामानंद बौद्ध ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
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रामानंद बौद्ध (BJP-SBSP): 92,107 वोट — विजेता
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पूर्णमासी देहाती (BSP): 36,378 वोट — 55,729 वोटों से पराजित
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पूर्णवासी (SP): 35,859 वोट — तीसरा स्थान
3. विधानसभा चुनाव 2012: परिसीमन के बाद 2012 में हुए पहले चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पूर्णमासी देहाती ने जीत हासिल की थी।
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पूर्णमासी देहाती (SP): 64,881 वोट — विजेता
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दीपलाल भारती (BJP): 52,465 वोट — 12,416 वोटों से पराजित
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विजय कुमार (BSP): 46,251 वोट — तीसरा स्थान
2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जहां अपने इस अजेय दुर्ग को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, वहीं समाजवादी पार्टी और बसपा किसानों के असंतोष और स्थानीय मुद्दों के सहारे इस सीट पर वापसी की पुरजोर कोशिश करेंगे।
