UPSC लिस्ट एडिट कर बनी गोविंदपुरा की SDM, कोचिंग को भी लगाया चूना

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फर्जी IAS अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के एक के बाद एक नए कारनामे पुलिस की जांच में सामने आ रहे हैं। पुलिस के हाथ अब ऐसे फर्जी दस्तावेज लगे हैं, जिनमें तृप्ति ने खुद को गोविंदपुरा इलाके का एसडीएम (SDM) होने का दावा किया था। इस शातिर महिला ने अपने रसूख और फर्जी दस्तावेजों के दम पर न सिर्फ लोगों से लाखों रुपये ऐंठे, बल्कि कोचिंग संस्थानों को भी अपना शिकार बनाया।

नमन गोयल का नाम हटाकर लिस्ट में जोड़ा अपना नाम

पुलिस जांच में पता चला है कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह ने यूपीएससी (UPSC) 2025 की सिविल सर्विस परीक्षा की फाइनल लिस्ट के साथ छेड़छाड़ की थी। उसने चयनित अभ्यर्थी नमन गोयल का नाम हटाकर लिस्ट में अपना नाम ‘एडिट’ कर दिया था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने 13 अप्रैल 2026 को गोविंदपुरा एसडीएम का पदभार संभालने का झूठा दावा पेश किया था।

कोचिंग सेंटर्स में देती थी टिप्स, वसूले लाखों रुपये

सबसे हैरानी की बात तृप्ति सिंह का गजब का कॉन्फिडेंस था। वह इन्ही फर्जी आदेशों और एडिटेड लिस्ट के दम पर भोपाल की विभिन्न कोचिंग कक्षाओं में जाती थी और वहां सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के ‘टिप्स’ देती थी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ‘गेस्ट लेक्चर’ या ‘मोटिवेशनल स्पीकर’ के तौर पर वह कोचिंग संचालकों से लाखों रुपये वसूलती थी।

अब तक 4 केस दर्ज, भाई और ड्राइवर जेल में

भोपाल एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल में अब तक चार से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

  • मप्र टूरिज्म के नाम पर ठगी: सिवनी निवासी गगन उपवंशी से होटल लीज पर दिलाने का झांसा देकर उसने 50 लाख रुपये ऐंठे।

  • बालाघाट के युवक से ठगी: बालाघाट के रोहित लिल्हारे से भी 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।

ठगी के इस बड़े रैकेट में तृप्ति सिंह अकेली नहीं थी। इस पूरे खेल में उसका भाई प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र भी शामिल थे। पुलिस ने रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश विधानसभा में तृप्ति के साथ वीडियो में नजर आईं दो युवतियों की भी पुलिस जांच कर रही है, जिन्हें उसकी सहेलियां बताया जा रहा है। पुलिस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है, जिसमें भविष्य में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।