BJP की बाइक यात्रा: काशी नहीं, अब प्रयागराज-मिर्जापुर से जाएगा गंगाजल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश से गुजरात के वडनगर तक निकलने वाली भव्य बाइक यात्रा के कार्यक्रम में ऐन वक्त पर बड़ा फेरबदल किया गया है। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्यकर्ता काशी से गंगाजल लेकर जाने वाले थे, लेकिन अब धार्मिक मान्यताओं और पुरोहितों के परामर्श के बाद प्रयागराज और मिर्जापुर से गंगाजल ले जाने का फैसला हुआ है।
काशी के गंगाजल को लेकर क्यों बदला गया फैसला?
बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा के अनुसार, पहले वाराणसी से गंगाजल लेकर वडनगर जाने की तैयारी थी। हालांकि, धर्माचार्यों और पंडितों के साथ विचार-विमर्श के दौरान यह धार्मिक मान्यता सामने आई कि काशी की गंगा को मुख्य रूप से ‘मोक्षदायिनी’ माना जाता है। ऐसे में काशी के जल को किसी अन्य स्थान पर अनुष्ठान या जलाभिषेक के लिए ले जाने को लेकर धार्मिक आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इन परंपराओं का सम्मान करते हुए संगठन ने अब पवित्र संगम नगरी प्रयागराज और मिर्जापुर के गंगा घाटों से जल एकत्र करने का निर्णय लिया है।
250 बाइकों पर सवार होकर निकलेंगे 500 युवा कार्यकर्ता
तय कार्यक्रम के मुताबिक, 17 सितंबर को उत्तर प्रदेश से करीब 500 युवा मोर्चा कार्यकर्ता 250 बाइकों पर सवार होकर गुजरात के वडनगर के लिए रवाना होंगे।
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गंतव्य और अनुष्ठान: कार्यकर्ता वडनगर पहुंचकर भगवान हाटकेश्वर महादेव का गंगाजल से विधिवत जलाभिषेक करेंगे।
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1350 किमी का सफर: यह यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित पांच राज्यों से होते हुए लगभग 1350 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
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चौपाल और स्वागत: रूट पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर स्वागत केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक 100 किलोमीटर पर रात्रि विश्राम की व्यवस्था होगी, जहां रोजाना 3 से 4 गांवों में चौपाल लगाकर संवाद किया जाएगा।
वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल पहुंचेगा काशी
यह अभियान सिर्फ एकतरफा नहीं होगा, बल्कि गुजरात से भी कार्यकर्ताओं की टोलियां उत्तर प्रदेश आएंगी। वडनगर स्थित ऐतिहासिक शर्मिष्ठा तालाब का जल लेकर 10 टोलियां काशी पहुंचेंगी और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगी। दोनों राज्यों से निकलने वाली इन यात्राओं का औपचारिक समापन वाराणसी के गंगा घाट पर आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के साथ होगा।
धार्मिक अनुष्ठान के जरिए जमीनी स्तर पर चुनावी मोर्चाबंदी
धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ-साथ बीजेपी इस अभियान को संगठनात्मक विस्तार का अहम जरिया भी मान रही है। पांच राज्यों से गुजरने वाली इस यात्रा के दौरान ग्रामीण चौपालों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए पार्टी जहां प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक कार्यों को जनता तक पहुंचाएगी, वहीं आगामी चुनावों से पहले बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय करने की रणनीति पर भी अमल किया जाएगा।
