अन्ना हजारे अस्पताल से लौटे रालेगण सिद्धि, बोले- 100 साल तक जनसेवा

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रणेता और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। मुंबई के बॉम्बे अस्पताल में लगभग 10 दिनों तक चले गहन इलाज के बाद गुरुवार (10 सितंबर) को उन्हें डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से बाहर आते ही उनके तेवर और देश-सेवा का संकल्प पहले की तरह ही दृढ़ नजर आया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे 100 वर्ष की आयु तक निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा करते रहेंगे।
10 दिनों तक चला विशेष चिकित्सीय देखरेख में इलाज
89 वर्ष से अधिक आयु के अन्ना हजारे को 31 अगस्त की देर रात स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें तेज वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन और यूरिनरी/किडनी इंफेक्शन की शिकायत थी। सीनियर फिजीशियन डॉ. गौतम भंसाली के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज किया। समय पर मिली एंटीबायोटिक्स और उचित मेडिकल केयर के चलते उनके शरीर का इंफेक्शन पूरी तरह समाप्त हो गया। सभी आवश्यक जांच रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें फिट घोषित किया।
‘जनता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा’
अस्पताल से विदा लेते समय अन्ना हजारे ने सेवा भाव को परिभाषित करते हुए कहा कि 90 वर्ष की उम्र तक उन्होंने देश की सेवा की है और अब उनकी इच्छा 100 साल की उम्र तक इसी निष्ठा से काम करने की है। उन्होंने कहा, “सेवा का सीधा अर्थ है—बिना किसी स्वार्थ के काम करना। निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही ईश्वर की असली पूजा है। भगवान केवल चार दीवारों के भीतर बने मंदिरों में नहीं बसते, बल्कि जनता की सेवा करना ही सबसे सच्ची आराधना है।”
अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद अन्ना हजारे अहिल्यानगर स्थित अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल कुछ दिनों तक विश्राम करने और भीड़ से बचने की सलाह दी है। उनके स्वस्थ होकर लौटने की खबर से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
