BSP में आकाश आनंद की वापसी पर पेंच, मायावती ने रखी बड़ी शर्त

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने बुधवार को पार्टी के भीतर अहम संगठनात्मक बदलावों और आकाश आनंद की वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने साफ किया कि आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा खुलकर काम करने का मौका तभी मिलेगा, जब अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को त्याग कर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें।
‘अशोक सिद्धार्थ ने निजी स्वार्थ को दी अहमियत’
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर बहुजन मूवमेंट की उपेक्षा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, पार्टी ने सिद्धार्थ को सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने हमेशा निजी और पारिवारिक स्वार्थ को सर्वोपरि रखा। बसपा प्रमुख ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ से यह अपेक्षा थी कि वे संगठन के लिए अन्य कार्यकर्ताओं के मुकाबले ज्यादा मेहनत करेंगे और कुर्बानी देंगे, लेकिन उनका आचरण इसके ठीक विपरीत रहा।
आकाश आनंद की वापसी पर क्या है पार्टी की राय?
आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर बात करते हुए मायावती ने बताया कि अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है कि वे निजी स्वार्थ से ऊपर उठें। उन्होंने लिखा कि अगर सिद्धार्थ राजनीति छोड़ देते हैं, तो ऐसी स्थिति में आकाश आनंद का फ्री होकर काम करना संभव हो पाएगा। बसपा प्रमुख ने यह भी बताया कि पार्टी में इस बात पर आम राय है कि सिद्धार्थ के हटने के बाद ही आकाश आनंद को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, जिससे वे संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
यूपी, पंजाब और उत्तराखंड चुनाव पर जोर
पार्टी के आंतरिक मामलों के साथ-साथ मायावती ने आगामी राजनीतिक लक्ष्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब को बीएसपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य बताया। उनका कहना था कि इन राज्यों में पार्टी ‘बहुजन समाज’ को शोषित वर्ग से निकालकर शासक वर्ग बनाने के विजन पर काम कर रही है। आरक्षण और बहुजन आंदोलन के सामने खड़ी मौजूदा चुनौतियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने संगठन की एकजुटता पर विशेष जोर दिया।
