कांग्रेस ने ससुर-बहू और पति-पत्नी को उतारा, तो BJP ने घर में बांटे दो टिकट

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों के टिकट बंटवारे की दिलचस्प तस्वीरें सामने आ गई हैं। सीकर जिले में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने उम्मीदवारों के चयन में पुराने नेताओं और उनके परिवारों को खासी तरजीह दी है। सीकर और लक्ष्मणगढ़ में नगर परिषद व पालिका चुनाव के लिए एक ही परिवार के कई सदस्यों—पति-पत्नी, ससुर-बहू और पोते—को अलग-अलग वार्डों से टिकट देकर मैदान में उतारा गया है।

कांग्रेस में पति-पत्नी और ससुर-बहू मैदान में

सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों के लिए दोनों प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने टिकट वितरण में अपने निवर्तमान पदाधिकारियों के परिवारों पर बड़ा भरोसा जताया है। पार्टी ने वार्ड नंबर 15 से निवर्तमान सभापति जीवण खां को उम्मीदवार बनाया है, जबकि उनके ठीक बगल के वार्ड नंबर 16 से उनकी पत्नी खतीजा बानो को टिकट दिया गया है।

इसी तरह, कांग्रेस ने वार्ड नंबर 34 से पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी को और वार्ड नंबर 40 से उनकी बहू किरण चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया है।

‘यह परिवारवाद नहीं, काम करने वालों को मिला टिकट’

एक ही परिवार में दो-दो टिकट मिलने पर जब परिवारवाद के सवाल उठे, तो कांग्रेस प्रत्याशियों ने इसका खुलकर बचाव किया। निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि इसे परिवारवाद नहीं कहा जा सकता क्योंकि उनकी पत्नी खतीजा बानो राजनीति में उनसे ज्यादा सीनियर हैं। जीवण खां के मुताबिक, खतीजा ने उनसे पहले पार्षद का चुनाव लड़ा था और उपचुनाव जीतने के बाद वह लगातार दो बार पार्षद रही हैं। उन्होंने दावा किया कि वार्ड के लोगों, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं की भारी डिमांड पर ही विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से खतीजा के लिए टिकट की मांग की गई थी।

दूसरी तरफ, ससुर-बहू को टिकट मिलने के सवाल पर पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी ने भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिवारवाद जैसी कोई बात नहीं होती, बल्कि वार्ड में जो काम करता है, पार्टी उसे ही टिकट देती है। अशोक चौधरी ने बताया कि पिछली बार उनके बेटे ने 1314 और उन्होंने 594 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

वहीं, वार्ड 40 से कांग्रेस प्रत्याशी किरण चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनके पति अनिल चौधरी पहले इस वार्ड से पार्षद थे। अब यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित हो गया है, इसलिए पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पति और ससुर ने अपने-अपने वार्डों में विकास के काफी काम करवाए हैं।

भाजपा के टिकट वितरण में भी वंशवाद की झलक

केवल कांग्रेस ही नहीं, भाजपा के टिकट वितरण में भी राजनीतिक परिवारों का प्रभाव साफ दिखा है। लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने पूर्व पालिका अध्यक्ष दिनेश जोशी के परिवार पर दांव खेला है। पार्टी ने दिनेश जोशी की पत्नी सरोज देवी को वार्ड नंबर 34 से और उनकी पुत्रवधू शीतल जोशी को वार्ड नंबर 29 से अपना प्रत्याशी बनाया है।

इसके अलावा, सीकर में भाजपा ने वार्ड नंबर 11 से 24 वर्षीय युवा चेहरे यश जलधारी को टिकट दिया है। यश जलधारी पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी के पोते हैं। रतनलाल जलधारी ने साल 2023 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यश को टिकट मिलने के बाद सीकर के इस वार्ड में भाजपा की युवा राजनीति और पुराने नेताओं के दबदबे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।