बाढ़ पीड़ितों से मिले CM योगी, बोले- ‘सपाई राहत का पैसा डकार जाते थे’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के सलारपुर स्थित राहत कैंप का दौरा किया। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से वरुणा नदी के बैकवाटर के कारण निचले इलाकों में आई बाढ़ का जायजा लेते हुए सीएम ने प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने 1000 से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट का वितरण किया और पूर्व की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर तीखा प्रहार किया।
बाढ़ पीड़ितों को मिल रही 26 आइटम्स वाली राहत किट
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेजे गए फंड से बाढ़ पीड़ितों के लिए व्यापक व्यवस्था की जा रही है।
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राहत सामग्री: वितरित किए जा रहे पैकेट में आटा, चावल, दाल, आलू, हल्दी, मिर्च, मसाले, रिफाइंड तेल और तिरपाल सहित 26 आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
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सपा पर हमला: सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि आज जो राहत सामग्री और पैसा जनता तक पहुंच रहा है, उसे पिछली सरकारों में ‘सपाई सब खा जाते थे, डकार जाते थे।’
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घटा बाढ़ का प्रकोप: उन्होंने दावा किया कि 10 साल पहले यूपी के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, जबकि आज केवल 15 जिलों में आंशिक रूप से पानी आया है।
किसानों का सर्वे और 24 घंटे में मुआवजा
राहत कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से जनता के साथ है।
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फसल का सर्वे: 429 किसानों की लगभग 129 हेक्टेयर डूबी हुई जमीन का सर्वे कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें उचित मुआवजा भेजा जाएगा।
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त्वरित सहायता: आसमानी बिजली गिरने, बाढ़ में डूबने या सांप काटने से होने वाली मौतों के मामलों में 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जा रहा है।
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आवास योजना: जिनके मकान बाढ़ में बह गए या डूब गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद दी जा रही है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा व्यवस्था
वाराणसी में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वर्तमान में 2400 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस लगातार प्रभावित इलाकों में गश्त और निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
