EV खरीदने वालों को झटका! यूपी में ₹1 लाख की सब्सिडी के नियम बदले
cm yogi

उत्तर प्रदेश में नई इलेक्ट्रिक कार (4-व्हीलर EV) खरीदने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। प्रदेश सरकार ने चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली 1 लाख रुपये की सब्सिडी बंद कर दी है। सरकार की ई-वाहन नीति के तहत 25 हजार कारों को सब्सिडी देने का लक्ष्य तय किया गया था, जो समय से करीब डेढ़ साल पहले ही पूरा हो गया है। निर्धारित कोटा फुल होने के कारण अब नए खरीदारों को इस योजना का आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा।
5 साल के लिए आई थी पॉलिसी, पहले ही हिट
उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 अक्टूबर 2022 को ‘इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022’ लागू की थी। इस पॉलिसी की वैधता 13 अक्टूबर 2027 तक है। इसके तहत राज्य में बनने वाले या खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया, चार पहिया, बस और ट्रकों पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया था। साथ ही खरीदारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से भी पूरी छूट दी गई। नीति में चार पहिया वाहनों के लिए प्रति गाड़ी एक लाख रुपये की छूट तय की गई थी। ग्राहकों के भारी रुझान के चलते कारों का टारगेट समय से काफी पहले अचीव हो गया।
21 हजार को मिला पैसा, 4 हजार आवेदन कतार में
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 21,057 वाहन मालिकों को सब्सिडी की रकम जारी की जा चुकी है। वहीं, लगभग 4,000 आवेदन अभी भी लंबित हैं, जिन पर प्रक्रिया चल रही है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया कि योजना के तहत सबसे ज्यादा डिमांड चार पहिया ईवी सेगमेंट में ही रही। 25 हजार वाहनों का आंकड़ा छूते ही नए आवेदनों पर सब्सिडी का लाभ रोक दिया गया है।
सब्सिडी खत्म होने के बाद भी ईवी की डिमांड तेज
ईंधन की कीमतों के बीच यूपी में इलेक्ट्रिक कारों का मार्केट तेजी से बढ़ा है। बिक्री के आंकड़े साफ बताते हैं कि सब्सिडी का असर खत्म होने के बाद भी शोरूम्स पर ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हुई है। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच राज्य में 9,312 चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हुए थे। वहीं, 2026 में इसी छह महीने की अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 14,065 तक पहुंच गया।
बस और ट्रकों में खरीदार नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
जहां पर्सनल कारों का कोटा फुल हो चुका है, वहीं कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों का सेगमेंट अभी भी रफ्तार नहीं पकड़ सका है। ईवी पॉलिसी के तहत 400 इलेक्ट्रिक बसों और 1,000 मालवाहक (ट्रक/लोडर) वाहनों को सब्सिडी देने का टारगेट था। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक पूरे प्रदेश में केवल 9 बसों और 42 मालवाहक वाहनों को ही इस सब्सिडी का लाभ मिल पाया है।

