कॉफी से लेकर मछली और कपड़ों तक, रूस के बाजार पर अफ्रीका की नजर

युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अफ्रीकी उत्पादों के लिए रूसी बाजार खोलने की अपील की है। दोनों देश अपनी आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
तीसरे रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति मुसेवेनी का प्रतिनिधित्व करते हुए उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो ने उनका संदेश पढ़ा। मुसेवेनी के मुताबिक, रूसी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने से अफ्रीकी उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
टेक्सटाइल और कॉफी से लेकर अनाज तक के लिए मांगा बाजार
राष्ट्रपति मुसेवेनी ने अपने संदेश में कहा, “मैं महामहिम पुतिन से अनुरोध करता हूं कि वे हमारे उत्पादों जैसे कि टेक्सटाइल, प्रोसेस्ड कॉफी, फल, मछली उत्पादों, लेदर उत्पादों, अनाज और वनस्पति तेल के लिए रूसी बाजार खोलें।”
उन्होंने ईस्ट अफ्रीकन कम्युनिटी (EAC) की अहमियत पर जोर देते हुए बताया कि इस क्षेत्रीय ब्लॉक में युगांडा, केन्या, तंजानिया, रवांडा, बुरुंडी, दक्षिण सूडान, सोमालिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) शामिल हैं। यह ब्लॉक 33 करोड़ 10 लाख लोगों का एक बड़ा संयुक्त बाजार पेश करता है।
रूसी कंपनियों को निवेश का न्योता
मुसेवेनी ने रूसी निवेशकों से इस क्षेत्र के बढ़ते बाजार का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने रूस से बुनियादी ढांचे (infrastructure), ऊर्जा और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश करने का आग्रह किया।
उनके मुताबिक, EAC ने सदस्य देशों को अपने बाजार का विस्तार करने में मदद की है। उन्होंने चीनी, मक्का, डेयरी और स्टील उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा, “युगांडा के कई उद्योगों को परेशानी होती अगर EAC क्षेत्रीय बाजार नहीं होता। चीनी और मक्का जैसे उत्पादों के लिए केवल घरेलू मांग पर्याप्त नहीं है, ऐसे में यह क्षेत्रीय ब्लॉक हमें बचाता है।”
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े मौके
मुसेवेनी ने इस क्षेत्रीय ब्लॉक को व्यापक अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि यह करीब 1.5 अरब लोगों का बाजार है, जिसके 2050 तक 2.5 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
राष्ट्रपति ने अफ्रीकी बाजारों को जोड़ने के लिए रूस से रेलवे, जल परिवहन प्रणालियों (water transport platforms) और बिजली उत्पादन में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर, सौर ऊर्जा, गैस और परमाणु ऊर्जा को ऐसे क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया जहां रूसी निवेश का सबसे ज्यादा स्वागत किया जाएगा।
‘रूस के ऐतिहासिक योगदान को नहीं भूल सकते’
व्यापार और निवेश से इतर, मुसेवेनी ने अपने संबोधन में अफ्रीका के मुक्ति संग्रामों में रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया। खुद को एक ‘पुराना अफ्रीकी स्वतंत्रता सेनानी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वह महाद्वीप की मुक्ति में सोवियत संघ के योगदान को कभी नहीं भूल सकते, जिसकी शुरुआत 1917 की कम्युनिस्ट क्रांति से हुई थी। उस वक्त इथियोपिया जैसे कुछ अपवादों को छोड़कर लगभग पूरा अफ्रीका औपनिवेशिक शासन के अधीन था।
उन्होंने कहा कि देशों को आजादी मिलने के बाद भी सोवियत संघ का समर्थन जारी रहा। मुसेवेनी ने मिस्र में असवान हाई डैम के निर्माण और युगांडा में बुसीटेमा विश्वविद्यालय की स्थापना को इस सहयोग के प्रमुख उदाहरणों के रूप में पेश किया। आज बुसीटेमा विश्वविद्यालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कृषि और स्वास्थ्य विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल कर चुका है, जहां करीब 9,200 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

