Jordan Railway: 2.5 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट की शुरुआत, जानें खासियत

जॉर्डन के अकाबा शहर में ‘अकाबा-अल-शिदिया-मान रेलवे प्रोजेक्ट’ का शिलान्यास किया गया है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखी गई।
यह मेगा रेल प्रोजेक्ट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन के बीच करीब 2.5 अरब डॉलर के ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट से तैयार किया जा रहा है। इसे जॉर्डन-यूएई रेलवे कंपनी डेवलप कर रही है, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम देगा।
403 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क, हर साल 16 मिलियन टन माल ढुलाई
इस परियोजना के तहत 403 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिसमें लगभग 55 पुल, छह सुरंगें और अन्य इंजीनियरिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण शामिल है। जॉर्डन के रेलवे सेक्टर की यह सबसे बड़ी परियोजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अकाबा शहर को प्रमुख खनन और उत्पादन स्थलों के साथ-साथ ‘मान लॉजिस्टिक्स जोन’ से जोड़ना है।
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर इस नेटवर्क के जरिए हर साल लगभग 16 मिलियन टन फॉस्फेट और पोटाश का ट्रांसपोर्टेशन होगा। इससे उत्पादन स्थलों से अकाबा के बंदरगाहों तक खनिज संसाधनों की आवाजाही तेज होगी, जिससे वैश्विक बाजारों में जॉर्डन के निर्यात की पहुंच और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा, सड़क नेटवर्क पर माल ढुलाई का दबाव भी कम होगा।
5000 नौकरियां और ट्रांसपोर्टेशन खर्च में 40 मिलियन डॉलर की बचत
आर्थिक दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट दक्षिणी जॉर्डन के लिए एक गेमचेंजर माना जा रहा है। इस रेल नेटवर्क के शुरू होने से दक्षिणी जॉर्डन में लगभग 5,000 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
इसके साथ ही फॉस्फेट और पोटाश के ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में सालाना लगभग 40 मिलियन डॉलर की कमी आएगी। यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, निर्माण, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज से जुड़ी स्थानीय कंपनियों और निजी क्षेत्र के लिए बड़े व्यापारिक अवसर भी पैदा करेगा।
‘रणनीतिक साझेदारी और मजबूत संबंधों का प्रतीक’
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने इस मौके पर कहा कि यह प्रोजेक्ट यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान और किंग अब्दुल्ला द्वितीय के नेतृत्व में दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश ऐसे रणनीतिक प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सहयोग दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और विकास को रफ्तार देने में मददगार साबित होगा।
यूएई और जॉर्डन की कंपनियों का ज्वाइंट वेंचर
परियोजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी ‘जॉर्डन-यूएई रेलवे कंपनी’ की है। यह यूएई की एल’इमाद (L’IMAD) होल्डिंग कंपनी और जॉर्डन की कई प्रमुख सरकारी व निजी कंपनियों—जॉर्डन फॉस्फेट माइंस कंपनी, गवर्नमेंट इन्वेस्टमेंट्स मैनेजमेंट कंपनी, सोशल सिक्योरिटी इन्वेस्टमेंट फंड और अरब पोटाश कंपनी—का संयुक्त उपक्रम है।
जॉर्डन-यूएई रेलवे कंपनी के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद थनीबैट ने इसे दोनों देशों की साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम की क्षमता को बढ़ाएगा और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय व्यापार में जॉर्डन की स्थिति को मजबूत करेगा।
वहीं, कंपनी के वाइस चेयरमैन और एल’इमाद होल्डिंग के सीईओ (पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स) शादी मलक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में ‘एतिहाद रेल’ की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि एक आधुनिक और विश्वसनीय रेल सिस्टम तैयार किया जा सके।
शिलान्यास समारोह में अबू धाबी क्राउन प्रिंस कोर्ट के अध्यक्ष शेख खलीफा बिन तहन्नून, एल’इमाद के ग्रुप सीईओ जस्सेम बू अताबा अल ज़ाबी और जॉर्डन में यूएई के राजदूत सुल्तान मोहम्मद सईद अल शम्सी सहित दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

