TRAI New Rules: 28 दिन के रिचार्ज पर बड़ा बदलाव, ग्राहकों को राहत

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया (Vi) और बीएसएनएल जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को कड़ा निर्देश देते हुए ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026’ जारी कर दिया है।
इस नए नियम के तहत टेलीकॉम कंपनियों को अब बिना किसी बंडल डेटा (Bundled Data) के, केवल वॉयस कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा चाहने वाले ग्राहकों के लिए कम कीमत और कम वैलिडिटी वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STVs) पेश करने होंगे।
कम आय वर्ग और बुजुर्गों को सीधा लाभ
ट्राई का यह कदम विशेष रूप से उन करोड़ों साधारण और कम आय वाले ग्राहकों, वरिष्ठ नागरिकों और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को राहत देने के लिए उठाया गया है, जो इंटरनेट का उपयोग नहीं करते और केवल कॉलिंग व एसएमएस के लिए फोन रखते हैं। अब तक ऐसे उपभोक्ताओं को मजबूरी में महंगे डेटा पैक वाले प्लान से रिचार्ज कराना पड़ता था।
28 दिन की वैलिडिटी के चक्र से मिलेगी राहत
नियामक ने पाया कि साल 2024 में 12वें संशोधन के बाद कंपनियों ने कॉलिंग-ओनली पैक तो पेश किए थे, लेकिन उनकी वैलिडिटी जानबूझकर बहुत लंबी (जैसे सालभर या कई महीने) और कीमतें काफी ज्यादा रखी गई थीं। इस वजह से गरीब तबका एकमुश्त इतनी बड़ी रकम खर्च नहीं कर पाता था। इसे देखते हुए ट्राई ने निम्नलिखित अनिवार्य नियम लागू किए हैं:
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30 दिन या उससे कम के प्लान अनिवार्य: टेलीकॉम कंपनियों को अब केवल वॉयस, केवल एसएमएस या दोनों सेवाओं के लिए 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले कई छोटे और किफायती विकल्प बाजार में उतारने होंगे।
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हर महीने की समान तारीख पर रिन्यूअल प्लान: सभी ऑपरेटरों को कम से कम एक ऐसा स्पेशल टैरिफ वाउचर देना होगा जो हर महीने की एक ही निश्चित तारीख को रिन्यू हो (जैसे हर महीने की 5 या 10 तारीख)। यदि किसी महीने में वह तारीख नहीं आती (उदाहरण के लिए 31 तारीख), तो उस महीने का आखिरी दिन (30, 28 या 29 तारीख) रिन्यूअल की तारीख माना जाएगा।
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उचित मूल्य निर्धारण (Proper Pricing): कंपनियों को लंबी अवधि के प्लान के साथ-साथ 30 दिन या उससे कम अवधि वाले प्लान्स के बीच संतुलन बनाना होगा, ताकि छोटे रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ न पड़े।
व्यापक परामर्श के बाद लिया गया फैसला
ट्राई ने यह कदम हितधारकों और आम जनता के साथ लंबी चर्चा के बाद उठाया है। 2024 में वॉयस-ओनली प्लान की कीमतों और कमियों की समीक्षा करने के बाद, प्राधिकरण ने 7 अप्रैल 2026 को इस संशोधन का पहला ड्राफ्ट जारी किया था। इसके बाद 15 जून 2026 को एक ओपन हाउस डिस्कशन (OHD) आयोजित कर सभी पक्षों की आपत्तियों और सुझावों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद 21 सितंबर को यह अंतिम दिशा-निर्देश अधिसूचित किया गया।
