‘200 साल पुरानी मस्जिदों के कागज मांगते हैं, सड़कों पर बने मंदिरों का क्या?’

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

समान नागरिक संहिता (UCC) और देश में चल रहे अन्य ज्वलंत मुद्दों पर समाजवादी पार्टी (SP) के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने देश की विविधता, मस्जिदों के दस्तावेजों की मांग, कश्मीर के हालात और हिंदू-मुस्लिम एकता का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और आरएसएस की विचारधारा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

‘बिना रजिस्ट्रेशन वाले संगठन’ ने संस्थाओं को किया कमजोर

नदवी ने आरएसएस का नाम लिए बिना उसे एक ‘अनरजिस्टर्ड समूह’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समूह ने पर्दे के पीछे से देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है और उनमें अपनी विचारधारा के लोगों को भर दिया है। सपा सांसद ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को हीरो माना और जिन्होंने दशकों तक तिरंगा नहीं फहराया, वे आज हिंदुत्व और हजारों साल पुरानी भारतीय सभ्यता के ठेकेदार बन बैठे हैं।”

UCC और देश की विविधता पर जोर

समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करते हुए मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि भारत की पहचान इसकी विविधता में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में अलग-अलग धर्मों, जातियों और जनजातियों के लोग रहते हैं, जिनकी सामाजिक, धार्मिक और शादी-ब्याह की परंपराएं बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अरब के लोग भी एक साथ नहीं रह सके, तो भारत जैसे विशाल और विविध देश में किसी एक संस्कृति को थोपकर देश को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है?

मस्जिदों के कागजात और ‘इंशाअल्लाह’ विवाद

मस्जिदों के सर्वे और उनके दस्तावेजों की मांग पर नाराजगी जताते हुए नदवी ने कहा:

  • दस्तावेजों पर सवाल: “200 साल पुरानी मस्जिदों के कौन से कागजात होंगे? उस समय रजिस्ट्रेशन की आज जैसी व्यवस्था नहीं थी। अगर मस्जिदों से कागज मांगे जा रहे हैं, तो सड़कों पर रोज बन रहे हजारों मंदिरों के दस्तावेजों पर सवाल क्यों नहीं उठता?”

  • ‘इंशाअल्लाह’ पर विवाद: उन्होंने जर्मन भाषा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ‘इंशाअल्लाह’ और ‘माशाअल्लाह’ जैसे शब्दों को सकारात्मक भावनाओं का प्रतीक मानकर अपनाया जा रहा है, लेकिन हमारे यहां छोटी-छोटी बातों पर ऐसे शब्द कहने पर जजों का ट्रांसफर तक हो रहा है।

कश्मीर और बंगाल का उठाया मुद्दा

सपा सांसद ने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग UCC की बात करते हैं, उन्हीं लोगों ने कश्मीर के साथ अत्याचार किया है। उन्होंने कहा कि 1947 से पहले भी कश्मीर भारत का हिस्सा था, लेकिन सिर्फ मुसलमान होने के कारण वहां के लोगों के अधिकार और सम्मान को कुचला गया। उन्होंने बंगाल में भी इसी तरह की दमनकारी नीतियों का आरोप लगाया।

‘सामाजिक न्याय ही है भविष्य का आधार’

मोहिबुल्लाह नदवी ने देश के मुसलमानों से नादानी भरी हरकतों पर धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू-मुस्लिम (राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान) की संयुक्त भूमिका को याद करते हुए कहा कि देश की तरक्की आपस में लड़ने से नहीं होगी। अंत में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के विजन का समर्थन करते हुए कहा कि ‘सामाजिक न्याय’ के राज की स्थापना ही देश की भलाई और उसके भविष्य की मजबूती का असली आधार है।