यूपी चुनाव 2027: BJP का खेल बिगाड़ने आ रहा ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी’ (RAMP) ने एक बड़ा ऐलान करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुश्किलें बढ़ाने का दावा किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी ने पीलीभीत में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी प्रदेश की 135 सवर्ण बाहुल्य सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और बीजेपी के खिलाफ बूथ स्तर तक रणनीति तैयार करेगी।
‘135 सवर्ण सीटों पर बिगाड़ेंगे BJP का खेल’
विश्वदीप अवस्थी ने कहा कि उनकी पार्टी और संगठन यूपी चुनाव में पूरी ताकत से उतरने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 135 सीटें ऐसी हैं, जहां सवर्ण मतदाताओं का खासा प्रभाव है। अवस्थी ने कहा कि चुनाव से लेकर बूथ प्रबंधन तक वे बीजेपी के खिलाफ ऐसी रणनीति बनाएंगे जिससे सत्ताधारी दल को सीधा नुकसान होगा।
अयोध्या में चंदा चोरी और शिक्षा व्यवस्था पर घेरा
अवस्थी ने बीजेपी पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के विकास के दावे पूरी तरह खोखले हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। साथ ही प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला।
‘बदलाव नहीं हुआ तो तानाशाह शासन लागू हो जाएगा’
बीजेपी सरकार की तुलना अंग्रेजी शासन से करते हुए अवस्थी ने विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि “2027 का चुनाव जनता के लिए आखिरी चुनाव है। अगर इस बार प्रदेश में बदलाव नहीं हुआ तो यूपी में भी चीन और अमेरिका जैसा तानाशाह शासन लागू हो जाएगा।” उन्होंने वर्तमान हालात को ‘भारत अमेरिका का गुलाम’ जैसा बताते हुए जनता से अपने भविष्य के लिए अभी से सोचने की अपील की।
जितिन प्रसाद और भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठाए सवाल
सवर्णों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पर भी जमकर निशाना साधा। अवस्थी ने कहा, “जितिन प्रसाद सवर्ण मुद्दों पर खामोश हैं, वह तो UGC का ‘U’ तक बोलने को तैयार नहीं हैं। सवालों से बचने वाले ऐसे नेताओं का कोई वजूद नहीं होता।”
इसके अलावा, अवस्थी ने हाल ही में हुए भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार और सवर्ण नेताओं की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जो इनकी सवर्ण विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
