‘समझौता चाहता है ईरान, किया सीधा संपर्क’; डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
TURNBERRY, SCOTLAND - JULY 28: U.S. President Donald Trump talks to the media as he meets with British Prime Minister Keir Starmer (not pictured) at Trump Turnberry golf club on July 28, 2025 in Turnberry, Scotland. U.S. President Donald Trump is visiting his Trump Turnberry golf course, as well as Trump International Golf Links in Aberdeenshire, during a brief visit to Scotland from July 25 to 29. (Photo by Christopher Furlong/Getty Images)

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। बुधवार को नॉर्थ कैरोलिना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच जारी युद्ध अब संभवतः अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और इसके लिए उसने बिना किसी मध्यस्थ के सीधे वाशिंगटन से संपर्क साधा है।
‘ईरान ने मध्यस्थ के बिना किया सीधा संपर्क’
मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चरण को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि हम युद्ध के अंत की ओर हैं। वे (ईरान) समझौता करना चाहते हैं और हम देखेंगे कि यह कैसे आगे बढ़ता है।”
जब पत्रकारों ने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या ईरान ने यह संदेश किसी मध्यस्थ के जरिए भेजा है या सीधा संवाद किया है, तो ट्रंप ने तुरंत जवाब दिया- “सीधे।” यानी अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, इस कूटनीतिक पहल में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है।
ब्याज दरों और अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का तर्क
बातचीत के दौरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई। एक पत्रकार ने पूछा कि क्या ईरान युद्ध की वजह से बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाई जा रही हैं?
ट्रंप ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ब्याज दरें बढ़ाने का मकसद उन्हें (ईरान को) ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा कि मौजूदा समस्या यह है कि अमेरिका के पास इतिहास की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का तनाव और कूटनीतिक प्रयास
ट्रंप का यह बयान ऐसे अहम समय पर आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। हालांकि, शांति प्रयासों के तहत जून में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से खोलने की योजना बनाई गई थी, जिसे व्यापक शांति समझौते की दिशा में एक शुरुआती कदम माना जा रहा है।
फरवरी से सुलग रहा है मध्य पूर्व
अमेरिका और ईरान के बीच यह सीधा सैन्य टकराव इसी साल फरवरी में शुरू हुआ था। अमेरिका और इजरायल ने ईरान की सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों, मिसाइल ढांचों और हवाई रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए थे।
इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और मध्य पूर्व के क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल गया। महीनों चले इस विनाशकारी युद्ध के बीच अब ट्रंप के बयान ने इस क्षेत्र में शांति लौटने की नई उम्मीद जगा दी है।
