सतना: मंदाकिनी नदी में भीषण बाढ़, सेना ने किया एयरलिफ्ट, 350 का रेस्क्यू

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

भोपाल : मध्य प्रदेश के सतना जिले और चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए जिला प्रशासन के साथ सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जलमग्न हो चुके इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना के हेलिकॉप्टर की मदद ली गई है। पूरे जिले में अब तक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

सेना का एयरलिफ्ट और NDRF का मोर्चा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से कई लोग अपने घरों और छतों पर फंस गए। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में फंसे लोगों को राहत देने के लिए सेना का हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा। सेना की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए दो लोगों को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें भी लगातार ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद हैं। नावों और बचाव उपकरणों के जरिए NDRF के जवान जलमग्न इलाकों से अन्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटे हुए हैं।

रात भर चला SDRF का रेस्क्यू अभियान

चित्रकूट और आसपास के इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम भी राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत लगा रही है। सतना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड के मुताबिक, एसडीआरएफ की टीमों ने रात के समय भी अपना रेस्क्यू अभियान जारी रखा। रात के अंधेरे में भी यह ऑपरेशन इसलिए चलाया गया ताकि बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को किसी भी संभावित खतरे से पहले सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

जिलेभर में 350 लोगों का सफल रेस्क्यू

जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू टीमों की संयुक्त कार्रवाई में पूरे सतना जिले में अब तक करीब 350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इनमें से अकेले चित्रकूट क्षेत्र में करीब 250 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। प्रशासन की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं और पानी के बहाव पर नजर रखे हुए हैं।

जरूरतमंदों को बांटे गए 2300 फूड पैकेट

बचाव कार्य के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी प्रशासन ने तेज कर दिया है। बेघर हुए लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चित्रकूट क्षेत्र में प्रशासन ने जरूरतमंदों के बीच अब तक 2,300 फूड पैकेट वितरित किए हैं। जिला प्रशासन और बचाव दलों ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता बाढ़ में फंसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाना है।