कीव में एस. जयशंकर ने की मध्यस्थता की पेशकश, भारत मदद को तैयार

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी विनाशकारी युद्ध को खत्म करने के लिए भारत ने आधिकारिक तौर पर मदद की पेशकश की है। अपनी ऐतिहासिक यूक्रेन यात्रा पर पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव में स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो भारत इस युद्ध को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने के लिए मध्यस्थता करने को पूरी तरह तैयार है।

‘मदद कर सकते हैं तो हम तैयार हैं’

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ मौजूद एस. जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम तैयार हैं।” इसके अलावा दोनों विदेश मंत्रियों के बीच काला सागर (ब्लैक सी) में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हालिया हमलों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब हाल ही में ब्लैक सी में तनाव के दौरान कुछ भारतीय नाविक भी हताहत हुए थे।

पीएम मोदी की अपील का यूक्रेन ने किया स्वागत

किसी भारतीय विदेश मंत्री की इस पहली कीव यात्रा को यूक्रेन ने बेहद महत्वपूर्ण बताया है। यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने जयशंकर के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यह दौरा ऐसे मुश्किल वक्त में हो रहा है जब यूक्रेनी शहरों और नागरिक जहाजों पर रूसी हमले लगातार बढ़ रहे हैं। सिबिहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “भारत एक वैश्विक शक्ति है। हम पीएम मोदी की उस अपील का स्वागत करते हैं, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध से हटकर इसे खत्म करने की दिशा में बढ़ने की बात कही है। यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है।”

द्विपक्षीय संबंधों और भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर जोर

युद्ध और कूटनीति के अलावा दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से बात की। बुनियादी ढांचे, फार्मास्युटिकल सेक्टर, तकनीकी इनोवेशन और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देश जल्द ही अपनी अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर सहमत हुए हैं।

युद्ध की विभीषिका: अब तक 20 लाख सैनिक हताहत

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध में अब तक करीब 20 लाख सैनिक हताहत (मारे गए या घायल) हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना के करीब 12 लाख जवान हताहत हुए हैं, जिनमें 5 लाख से अधिक की मौत हो चुकी है। वहीं, यूक्रेन के 5 से 6 लाख सैनिकों के हताहत होने और 1 से 1.5 लाख जवानों के मारे जाने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण युद्ध में 16,000 से अधिक आम नागरिकों की जान जा चुकी है और 46,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।