प्यार में इनकार या अपराध? ‘पूजा मेरी जान’ देखिए या छोड़ दीजिए, पूरा रिव्यू

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

 ‘लड़की की ना में भी हां होती है’— समाज की इसी खतरनाक और टॉक्सिक मानसिकता पर चोट करती है निर्देशक नवजोत गुलाटी की नई फिल्म ‘पूजा मेरी जान’। ZEE5 पर रिलीज हुई यह फिल्म एकतरफा प्यार, रिजेक्शन और उसके बाद होने वाले सोशल मीडिया ट्रायल जैसे अहम मुद्दों को उठाती है। फिल्म यह सीधा सवाल पूछती है कि अगर कोई किसी के प्यार को ठुकरा दे और वह आत्महत्या कर ले, तो क्या इसकी जिम्मेदारी लड़की की है?

रेटिंग: 2.5/5

क्या है फिल्म की कहानी?

कहानी एक जिंदादिल थिएटर आर्टिस्ट पूजा (मृणाल ठाकुर) की है। उसका को-एक्टर अनिकेत (विक्रम सिंह चौहान) पिछले पांच साल से उसका अच्छा दोस्त है, लेकिन असल जिंदगी में वह पूजा से एकतरफा प्यार करने लगता है। जब अनिकेत पूजा को शादी के लिए प्रपोज करता है, तो वह साफ इनकार कर देती है।

इस रिजेक्शन को अनिकेत बर्दाश्त नहीं कर पाता और आत्महत्या कर लेता है। मरने से पहले वह एक वॉइस नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार पूजा को ठहरा देता है। इसके बाद पूजा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया जाता है और समाज उसे मुजरिम मान लेता है। ऐसे में उसकी दोस्त और कॉर्पोरेट वकील सना (हुमा कुरैशी) उसका केस लड़ने अदालत पहुंचती है, जहां उसका सामना धाकड़ वकील जतिन (विजय राज) से होता है।

कैसी है फिल्म?

फिल्म का विषय बहुत मजबूत है और इसकी नीयत एकदम साफ है। यह महिला की पसंद, रिश्ते चुनने के अधिकार और मर्दवादी सोच पर कड़े सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर चलने वाले महिला-विरोधी हैशटैग और चरित्र हनन को भी फिल्म में प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।

हालांकि, इतने दमदार विषय के बावजूद इसका कोर्टरूम ड्रामा थोड़ा कमजोर रह गया। अदालत की जिरह में जिस तीव्रता, धारदार तर्क और कानूनी टकराव की जरूरत थी, वह पर्दे पर नजर नहीं आती। कई जगह फिल्म मजबूत संवादों के जरिए अपनी बात रखने के बजाय उपदेशात्मक लगने लगती है।

एक्टिंग में किसने मारी बाजी?

पूरी फिल्म मृणाल ठाकुर के इर्द-गिर्द घूमती है और उन्होंने पूजा के किरदार की मनोवैज्ञानिक गहराई के साथ पूरा न्याय किया है। वकील के रूप में हुमा कुरैशी का कॉर्पोरेट से क्रिमिनल लॉयर बनने का ट्रांसफॉर्मेशन शानदार है। विजय राज हमेशा की तरह स्क्रीन पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं और विक्रम सिंह चौहान ने भी अपने रोल को बखूबी निभाया है।

क्यों देखें?

अगर आप गंभीर सामाजिक मुद्दों और कोर्टरूम थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं और ‘पिंक’ जैसी फिल्मों का विषय आपको पसंद आता है, तो ZEE5 पर ‘पूजा मेरी जान’ देख सकते हैं।