मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए बहुचर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर की है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की कोर्ट ने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने के आरोप में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को यह सख्त सजा सुनाई है। सुरक्षा कारणों से दोनों आरोपियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था।
13 महीने चला ट्रायल, 22 गवाहों के दर्ज हुए बयान
सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने 30 सितंबर को ही मुस्कान और साहिल को दोषी करार दे दिया था, जबकि सजा के ऐलान के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। इस मामले का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। करीब 13 महीनों तक चली लंबी अदालती बहस और 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद कोर्ट ने फांसी का फैसला सुनाया।
क्या है नीला ड्रम हत्याकांड?
यह सनसनीखेज मामला पूरे देश में ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चा का विषय बना था। दरअसल, मृतक सौरभ राजपूत की लाश उसके ही घर में रखे एक नीले ड्रम के अंदर से बरामद हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था और शव को ड्रम में पैक कर दिया था। पुलिस ने पिछले साल 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पीड़ित परिवार की मांग हुई पूरी
फैसले के बाद मृतक सौरभ के परिवार ने संतोष जताया है। सौरभ के भाई राहुल ने कोर्ट से शुरू से ही दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। फैसले के बाद राहुल ने कहा कि वे शुरू से ही न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे और उनकी एक ही मांग थी कि आरोपियों ने उनके भाई के साथ जो बर्बरता की है, उसके बदले उन्हें भी वही सजा मिलनी चाहिए।

