दर्द, उम्मीद और रिश्तों की कहानी, क्या दिल जीत पाता है ‘Between Steps’?

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

कोरियन ड्रामा (K-Drama) अगर फंतासी, बहुत ज्यादा चमक-दमक और परियों जैसी कहानियों से बाहर निकलकर यथार्थ की जमीन पर आ जाए, तो वह कैसा दिखेगा? इसका सटीक जवाब है डिज्नी+ (Disney+) पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज ‘बिटवीन स्टेप्स’ (Between Steps)।

यह दिग्गज निर्देशक आह्न पान-सेक (Ahn Pan-seok) की आखिरी निर्देशित सीरीज है, जिनका इस साल गर्मियों में 64 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। किम सो-ह्यून (Kim So-hyun) और चू यंग-वू (Choo Young-woo) स्टारर यह सीरीज उन युवाओं की कहानी है, जो समाज के कड़े और अक्सर बेईमान नियमों के बीच अपनी जगह तलाशने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

क्या है ‘बिटवीन स्टेप्स’ की कहानी?

यह एक यूनिवर्सिटी पर आधारित ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा है। कहानी लिम यू-जिन (किम सो-ह्यून) नाम की एक महत्वकांक्षी फैशन छात्रा से शुरू होती है। उसका करियर तब दांव पर लग जाता है, जब वह अपनी एक दोस्त को शराब के नशे में धुत सीनियर से बचाती है। उसकी प्रोफेसर उसका साथ देने के बजाय घटना को दबाने की कोशिश करती है। यू-जिन के पुलिस बुलाने और माफी न मांगने पर उसे डिपार्टमेंट से ही निकाल दिया जाता है।

दूसरी तरफ, पार्क मिन-जे (चू यंग-वू) रोबोटिक्स लैब में इंजीनियरिंग का पीएचडी (PhD) छात्र है। वह कभी एक होनहार तैराक हुआ करता था, लेकिन कैंसर के कारण उसे अपना एक पैर गंवाना पड़ा। मिन-जे अब भी अपने छिन चुके भविष्य की कड़वाहट के साथ जी रहा है।

दोनों की पहली मुलाकात मेट्रो में होती है और फिर उसी रात उस विवाद के दौरान मिन-जे लड़कियों की मदद करता है। किस्मत का खेल देखिए, फैशन की दुनिया से निकाली गई यू-जिन उसी रोबोटिक्स लैब में नौकरी पा लेती है, जहां मिन-जे काम कर रहा है। यहीं से शुरू होता है दो टूटे हुए लोगों के बीच पनपता एक ‘स्लो-बर्न’ (Slow-burn) रोमांस।

कैसा है यह कोरियन ड्रामा?

यह सीरीज निर्देशक आह्न पान-सेक की पहचान रहे यथार्थवादी (Realistic) टोन पर खरी उतरती है। इसमें बहुत ज्यादा चमकीले रंग नहीं हैं, बल्कि यह आम इंसानों की रोजमर्रा की चुनौतियों, जिम्मेदारियों और इच्छाओं को बिना किसी लाग-लपेट के दिखाती है। फिल्म यह संदेश देती है कि समाज में हमेशा ईमानदारी और काबिलियत को इनाम नहीं मिलता।

हालांकि, ‘द मिडनाइट रोमांस इन हैगवोन’ (The Midnight Romance in Hagwon) जैसी उनकी पिछली सीरीज की तुलना में यह सफर थोड़ा असंतुलित महसूस होता है। सीरीज गंभीर ड्रामा और दर्शकों को हंसाने वाले पलों के बीच बैलेंस बनाने में थोड़ी लड़खड़ाती है। ड्रामेटिक सीन तो बहुत स्वाभाविक लगते हैं, लेकिन कॉमेडी वाले हिस्से उतने प्रभावशाली नहीं बन पाए।

विशेष बात यह है कि इस सीरीज की लेखिका मिन ह्यो-जंग (Min Hyo-jung) हैं, जिन्होंने 21 साल बाद स्क्रीनराइटिंग में वापसी की है।

एक्टिंग में किसने मारी बाजी?

दोनों मुख्य किरदार जीवन की निराशाओं से भरे हुए हैं, इसलिए दर्शकों को उनसे जुड़ने में थोड़ा समय लग सकता है। चू यंग-वू ने ‘मिन-जे’ के कड़वाहट भरे और प्राकृतिक स्वभाव को बड़ी सहजता से निभाया है। दूसरी ओर, किम सो-ह्यून शुरुआत में अपने रोल में थोड़ी असहज नजर आती हैं, हालांकि आगे के एपिसोड्स में सुधार की काफी गुंजाइश है।

क्यों देखें?

अगर आप K-Drama में केवल हल्की-फुल्की फंतासी या ‘गिल्ट-फ्री एस्केप’ तलाशते हैं, तो यह गंभीर और यथार्थवादी कहानी आपको थोड़ी बोरिंग लग सकती है। लेकिन, जो दर्शक बिना किसी मिलावट और बनावट के मानवीय रिश्तों की सच्ची कहानी देखना पसंद करते हैं, उनके लिए ‘बिटवीन स्टेप्स’ एक शानदार और रिफ्रेशिंग अनुभव साबित होगी।