ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- नीले कपड़े से दलित वोट नहीं मिलेंगे

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीतियों पर तीखा हमला बोला है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में राजभर ने दलित वोटों को साधने के लिए सपा नेताओं के नीले कपड़े पहनने, सम्राट अशोक जयंती की छुट्टी की मांग और सहारनपुर विवाद जैसे मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
‘कपड़े बदलने से नहीं जुड़ेंगे दलित’
सपा नेताओं द्वारा नीले कपड़े पहनकर दलित समुदाय को साधने की कोशिशों पर राजभर ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिखावे और कपड़े बदलने से कोई दलित सपा के साथ नहीं जुड़ेगा। उनके मुताबिक, अगर अखिलेश यादव अपनी लाल टोपी, पार्टी का झंडा और कुर्ता सब कुछ नीला कर लें, तब शायद कोई विचार करे। राजभर ने याद दिलाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में ही प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया गया था, दलितों पर अत्याचार हुए और कांशीराम के नाम पर बने जिले का नाम बदला गया। उन्होंने पूछा कि इन सबके बाद सपा किस मुंह से दलितों के बीच जाएगी।
अशोक जयंती की मांग को बताया ‘शिगूफा’
सम्राट अशोक जयंती पर छुट्टी की अखिलेश यादव की मांग को राजभर ने महज एक सियासी शिगूफा करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अखिलेश खुद पांच साल मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें यह याद क्यों नहीं आया। वहीं, सपा विधायकों पर सरकार के दबाव के आरोपों को खारिज करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोग अपनी मर्जी से साथ आ रहे हैं। उन्होंने हालिया MLC चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि तब सपा के लोगों ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से क्रॉस वोटिंग की थी। अखिलेश यादव खुद डरे हुए हैं और सरकार को दबाव बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
सहारनपुर विवाद और तौकीर रजा पर सरकार का बचाव
सहारनपुर विवाद को लेकर विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि वे वहां सिर्फ फातिहा पढ़ने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कोर्ट ने नोटिस दिया था, तब सपा और कांग्रेस के नेता कहां सो रहे थे। एएसआई (ASI) सर्वे का समर्थन करते हुए उन्होंने दावा किया कि मस्जिद गिराने के बाद कुआं नहीं बनता, वहां मिला कुआं बेहद प्राचीन है। इसके अलावा, मौलाना तौकीर रजा पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि तौकीर प्रदेश में दंगा कराना चाहते थे। राजभर ने स्पष्ट किया कि यह योगी आदित्यनाथ का शासन है, जहां कानून हाथ में लेने वालों को सख्त सजा मिलेगी।
कांग्रेस को दी ‘बराबरी’ की नसीहत
सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सुभासपा प्रमुख ने कांग्रेस को भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उसे गठबंधन में सपा के साथ आधी-आधी सीटों का समझौता करना चाहिए। राजभर के अनुसार, अगर कांग्रेस ने बराबरी का समझौता नहीं किया, तो उसका हाल 2017 के विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा।
