NTA में प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स की 4-स्टेज स्क्रीनिंग

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स के अपने पैनल में बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत विशेषज्ञों को पैनल में शामिल करने से पहले चार चरणों में उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसमें शैक्षणिक योग्यता और विषय विशेषज्ञता से लेकर प्रोफेशनल बैकग्राउंड, ईमानदारी और हितों के टकराव यानी Conflict of Interest की संभावनाओं तक की जांच शामिल होगी।

यह बदलाव NEET-UG और UGC-NET जैसी परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद का हिस्सा है। इस प्रक्रिया में करीब 600 एक्सपर्ट्स को पैनल से हटाया गया है।

पहले चरण में योग्यता और दस्तावेजों की जांच

नई प्रक्रिया का पहला चरण Eligibility और Document Verification पर आधारित होगा। आवेदन करने वाले विशेषज्ञों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर अनुभव से जुड़े दस्तावेज देने होंगे।

इसके साथ आधार और PAN जैसे पहचान दस्तावेज भी जमा करने होंगे। नौकरी से जुड़ी जानकारी और मौजूदा Employer से No Objection Certificate यानी NOC भी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।

विशेषज्ञों को Confidentiality और Conflict of Interest से जुड़े Declaration भी देने होंगे। इस चरण का मकसद पैनल में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की बुनियादी पात्रता और दस्तावेजों की पुष्टि करना होगा।

दूसरे चरण में देखी जाएगी Subject Expertise

पहली स्क्रीनिंग में योग्य पाए जाने वाले उम्मीदवारों का मूल्यांकन NTA की ओर से नियुक्त Subject Committee करेगी। इसमें उनके Education Background, Research Work और प्रश्नपत्र तैयार करने के अनुभव को देखा जाएगा।

संबंधित विषय पर उम्मीदवार की पकड़ का भी आकलन होगा। इस चरण में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित विशेषज्ञ के पास प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए जरूरी विषयगत विशेषज्ञता है या नहीं।

तीसरे चरण में Background और Integrity Check

सिर्फ शैक्षणिक योग्यता और विषय की जानकारी के आधार पर पैनल में जगह नहीं मिलेगी। तीसरे चरण में उम्मीदवार के Academic और Employment Record की अलग से जांच की जाएगी।

इसके साथ Integrity, Confidentiality और Conflict of Interest से जुड़े उनके Declaration भी देखे जाएंगे। यानी किसी विशेषज्ञ की नियुक्ति से पहले उसके पेशेवर रिकॉर्ड और संभावित हितों के टकराव की भी पड़ताल की जाएगी।

चौथे चरण में 3 साल के लिए पैनल में जगह

तीनों चरणों की स्क्रीनिंग पूरी करने वाले विशेषज्ञों को संबंधित विषय और परीक्षा से जुड़े काम के लिए NTA के पैनल में शामिल किया जाएगा। यह पैनल नियुक्ति तीन साल तक मान्य रहेगी, बशर्ते विशेषज्ञ का प्रदर्शन संतोषजनक रहे और वह तय नियमों का पालन करता रहे।

नियमों का उल्लंघन होने पर NTA पैनल में शामिल विशेषज्ञ की अवधि पूरी होने से पहले भी खत्म कर सकता है।

प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट आमतौर पर 7 से 15 दिनों तक इस काम में शामिल रहते हैं और उनकी सेवाओं के लिए सालाना करीब 35,000 से 40,000 रुपये का भुगतान किया जाता है।