UPSC Success Story: 60% से UPSC में तीसरी रैंक तक का सफर

नई दिल्ली: 10वीं और 12वीं में करीब 60 फीसदी अंक, इंजीनियरिंग में भी औसत प्रदर्शन और UPSC के शुरुआती तीन प्रयासों में असफलता। जुनैद अहमद की सिविल सेवा यात्रा की शुरुआत किसी टॉपर की कहानी जैसी नहीं थी। लेकिन पांचवें प्रयास में उन्होंने UPSC में तीसरी रैंक हासिल कर यह साबित किया कि शुरुआती असफलता अंतिम परिणाम तय नहीं करती।
10वीं-12वीं में 60 फीसदी अंक, बीटेक में भी औसत प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना के रहने वाले जुनैद अहमद बचपन में पढ़ाई में बहुत ज्यादा रुचि नहीं लेते थे। स्कूल में उनका प्रदर्शन औसत रहा। उन्होंने सेंट मेरियर स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और इसके बाद अलीगढ़ से 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई की।
दोनों बोर्ड परीक्षाओं में उनके 60-60 फीसदी अंक आए। इंजीनियरिंग की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं और विदेशी विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं में भी उन्हें खास सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी से बीटेक किया, जहां उनके करीब 65 फीसदी अंक रहे।
UPSC के शुरुआती तीन प्रयासों में नहीं मिली सफलता
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जुनैद ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। इस दौरान वह जामिया रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी में रहे। यहां सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को निशुल्क कोचिंग के साथ रहने और खाने की सुविधा भी दी जाती थी।
UPSC के शुरुआती तीन प्रयास जुनैद के लिए सफल नहीं रहे। लगातार तीन बार परीक्षा में असफल होने के बाद भी उन्होंने तैयारी बंद नहीं की। उनकी तैयारी का अगला पड़ाव चौथा प्रयास था, जहां पहली बड़ी सफलता मिली।
चौथे प्रयास में 352वीं रैंक, IRS में चयन
चौथे प्रयास में जुनैद अहमद ने 352वीं रैंक हासिल की और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा के लिए हुआ। हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था।
उनका मानना था कि IAS अधिकारी के तौर पर वह लोगों से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं के समाधान में भूमिका निभा सकते हैं। इसी लक्ष्य के चलते उन्होंने एक और प्रयास करने का फैसला किया।
इस दौरान उनकी विषयों की बुनियादी समझ पहले से मजबूत हो चुकी थी। उन्होंने IRS की ट्रेनिंग के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी और रोज करीब चार घंटे पढ़ाई करने लगे।
नई जानकारियां हासिल करने और अलग-अलग दृष्टिकोण समझने के लिए उन्होंने इंटरनेट और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया।
पांचवें प्रयास में हासिल की तीसरी रैंक
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 में जुनैद अहमद ने तीसरी रैंक हासिल की। यह उनका पांचवां प्रयास था। तीन असफल प्रयासों के बाद चौथे प्रयास में IRS और फिर पांचवें प्रयास में तीसरी रैंक तक पहुंचने का उनका सफर पूरा हुआ।
जुनैद के पिता जावेद हुसैन वकील हैं और उनकी मां आयशा रजा गृहिणी हैं।
पढ़ाई के साथ फिटनेस पर भी ध्यान
UPSC की तैयारी के दौरान जुनैद ने पढ़ाई के साथ फिटनेस को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखा। शाम के समय वह जिम जाते थे, दौड़ लगाते थे या क्रिकेट खेलते थे।
उनका मानना था कि शारीरिक गतिविधियां मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रहने में मदद करती हैं। यानी लंबे समय तक पढ़ाई के बीच उन्होंने अपनी दिनचर्या में खेल और व्यायाम के लिए भी समय रखा।
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के बावजूद जुनैद ने भूगोल को वैकल्पिक विषय चुना। तैयारी के दौरान उन्होंने इतिहास और राजनीति विज्ञान भी पढ़े, लेकिन भूगोल में उनकी रुचि ज्यादा रही।
