कंगना के बयान पर रामदेव का पलटवार, बोले- ‘ओछे लोगों’ पर टिप्पणी नहीं

रामदेव
राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

हरिद्वार: बॉलीवुड एक्ट्रेस और BJP सांसद कंगना रनौत और योगगुरु रामदेव के बीच पिछले कुछ दिनों से जुबानी जंग चल रही है। कंगना की हालिया टिप्पणी पर रविवार को रामदेव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और “ओछे लोगों” पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।

दोनों के बीच यह विवाद कंगना के Gen-Z को ‘गटर जनरेशन’ कहे जाने वाले बयान के बाद शुरू हुआ था। रामदेव ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए युवाओं की पूरी पीढ़ी को इस तरह संबोधित करने पर सवाल उठाया था। इसके बाद कंगना ने रामदेव पर तंज कसते हुए कहा था, “मेरी जवानी या बेडरूम के ख्याली पुलाव मत पकाइए।”

कंगना के बयान पर रामदेव ने क्या कहा?

रविवार को हरिद्वार में रामदेव से कंगना की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा, “क्या बोलूं मैं अभी, विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता।”

इसके बाद रामदेव ने कहा कि देश उनके बारे में और उनके योगदान के बारे में जानता है। उन्होंने कंगना का नाम लिए बिना कहा, “इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”

कैसे शुरू हुआ कंगना और रामदेव का विवाद?

कंगना रनौत ने Gen-Z को ‘गटर जनरेशन’ कहकर टिप्पणी की थी। इस पर रामदेव ने कहा था कि युवाओं को ‘जनरेशन गटर’ कहना खराब सोच की निशानी है।

रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा था, “मेरी जवानी या बेडरूम के ख्याली पुलाव मत पकाइए।”

रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी दिया बयान

हरिद्वार में रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस पहल को संतों का आशीर्वाद मिल चुका है।

रामदेव के मुताबिक, एक देश, एक चुनाव से शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनावों की वजह से साल भर राजनीतिक गतिविधियां चलती रहती हैं और इससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।

उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल बताया और कहा कि प्रधानमंत्री चुनावी सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

‘SC/ST का अपमान संविधान के खिलाफ तो ब्राह्मण का भी’

रामदेव ने SC/ST समुदाय और ब्राह्मणों के साथ कथित अन्याय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों, मरीजों, सैनिकों और किसानों के अलावा SC/ST समुदाय के सदस्यों और ब्राह्मणों के साथ भी अन्याय होता है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी SC/ST व्यक्ति का अपमान संविधान के खिलाफ माना जाता है तो ब्राह्मण के अपमान को भी संविधान के खिलाफ माना जाना चाहिए।

रामदेव ने कहा, “अगर SC/ST व्यक्ति का अपमान संविधान के खिलाफ है, तो ब्राह्मण का अपमान भी संविधान के खिलाफ है।”