समझाया, फिर चला चीन का एक्शन; म्यांमार के 15 स्कैम सरगनाओं को फांसी

उत्तरी म्यांमार में सक्रिय साइबर ठगी और मानव तस्करी के संगठित गिरोहों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर चीनी सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की गई है। चीनी सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (Ministry of Public Security) और सरकारी प्रसारक सीसीटीवी (CCTV) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई तीन-भाग की एक डॉक्युमेंट्री में बताया गया है कि 2023 में बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों से पहले चीनी अधिकारियों ने कोकांग क्षेत्र के रसूखदार परिवारों को अवैध स्कैम सेंटर बंद करने के लिए तीन बार समझाने की कोशिश की थी, जिसे सिंडिकेट्स ने दरकिनार कर दिया था।
दस्तावेजी रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी म्यांमार में सक्रिय अधिकांश आपराधिक नेटवर्कों को ध्वस्त कर दिया गया है। हत्या, धोखाधड़ी और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल सिंडिकेट्स के 15 मुख्य सदस्यों को मौत की सजा दी जा चुकी है, जबकि एक दोषी की सजा पर अमल से पहले ही मौत हो गई।
कोकांग के चार ताकतवर परिवारों को दी गई थी चेतावनी
डॉक्युमेंट्री में खुलासा किया गया है कि सीमा पार साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में सबसे बड़ी अड़चन अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) का मसला था। इसे हल करने के लिए चीनी अधिकारियों ने कोकांग क्षेत्र के चार प्रमुख परिवारों—बाई, वेई, लियू और मिंग—के साथ सीमा पर वार्ता की थी। चीनी सीमा से सटे इस इलाके में इन परिवारों का व्यापक राजनीतिक, व्यापारिक और सशस्त्र दबदबा था।
फरवरी में मौत की सजा पाए बाई परिवार के वरिष्ठ सदस्य बाई यिंगचांग का एक वीडियो डॉक्युमेंट्री में दिखाया गया है। इसमें उसने स्वीकार किया कि चीनी अधिकारियों ने इन समूहों को बिना शर्त स्कैम ऑपरेशन बंद करने की कड़ी चेतावनी दी थी। दोनों पक्षों के बीच सीमा पर बने एक छोटे से ढांचे में तीन घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही थी। उस दौरान मिंग परिवार के मुखिया मिंग जुएचांग ने कहा था कि यदि यह काम बंद कर दिया गया तो उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं रहेगा। मिंग ने बाद में नवंबर 2023 में गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान आत्महत्या कर ली थी।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले बाई परिवार से जुड़े अपराधों में धोखाधड़ी और जुए से हासिल 20 अरब युआन (करीब 2.9 अरब डॉलर) से अधिक की रकम शामिल थी, जबकि वेई परिवार 5 अरब युआन से अधिक के अवैध फंड से जुड़ा था।
हवाई बमबारी के बीच सुबूत जुटाने की चुनौती
कुनमिंग पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो के वरिष्ठ आपराधिक जांचकर्ता ना शिन ने बताया कि सीमा पार जाकर सुबूत जुटाना बेहद जोखिम भरा साबित हुआ। म्यांमार की सीमा पर चल रहे आंतरिक संघर्ष के दौरान लड़ाकू विमानों की बमबारी के बीच चीनी जांचकर्ताओं को सुबूत सुरक्षित रखने पड़े।
शुरुआत में म्यांमार प्रशासन ने किसी भी चीनी नागरिक की हत्या से इनकार किया था, लेकिन बातचीत के बाद चीनी पुलिस ने कई शव बरामद किए। संयुक्त अभियानों के जरिए अब तक 59,000 संदिग्ध साइबर ठगों को चीन प्रत्यर्पित किया जा चुका है। वहीं, म्यांमार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2023 से सितंबर 2026 के बीच इस तरह के अवैध केंद्रों के खिलाफ अभियानों में 76,000 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी दर्ज की गई।
थाईलैंड सीमा पर शिफ्ट हो रहे हैं स्कैम सेंटर
संयुक्त राष्ट्र (UN) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार भर में कम से कम 1.20 लाख लोगों को बंधक बनाकर उनसे जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाई जा रही थी। बंधक बनाए गए लोगों को शारीरिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता था। संकट के चरम दौर में चीनी पुलिस को रोजाना पीड़ितों के परिवारों से मदद की औसतन 40 कॉल्स मिलती थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तरी म्यांमार में चीनी दबाव के चलते भले ही इन नेटवर्कों पर लगाम लगी हो, लेकिन यह अवैध धंधा अब म्यांमार-थाईलैंड सीमा की ओर स्थानांतरित हो गया है। वहां के स्थानीय सशस्त्र समूहों और मिलिशिया के संरक्षण में नए कंपाउंड तैयार हो रहे हैं। हाल ही में थाईलैंड यात्रा पर गए शंघाई के एक संगीत शिक्षक के रहस्यमय ढंग से लापता होने और उसका फोन सिग्नल म्यांमार में मिलने की घटना ने इस खतरे के फिर से उभरने की ओर संकेत किया है।

