युद्ध से चीन की कंपनियों की चमकेगी किस्मत? BESS की मांग में उछाल

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति का सीधा और बड़ा फायदा चीन के ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Energy Storage Systems) निर्माताओं को मिलने वाला है, जिनमें कंटेम्परेरी एम्पेरेक्स टेक्नोलॉजी (CATL) और गोशन हाई-टेक (Gotion High-Tech) जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। हरित ऊर्जा (Green Energy) परियोजनाओं में इनके उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
घरेलू बाजार में सुस्ती, लेकिन विदेशी मांग से मिलेगी राहत
पिछले छह महीनों में स्थानीय बाजार में उम्मीद से कम मांग के कारण लिथियम-आयन बैटरी सप्लाई चेन के शेयरों की कीमतों में 46 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया से बढ़ती मांग इस सुस्ती की भरपाई कर देगी।
हांगकांग स्थित कंसल्टेंसी ‘वॉटररॉक एनर्जी इकोनॉमिक्स’ के निदेशक लुकास झांग लियुटोंग के अनुसार, मध्य पूर्व में युद्ध के बीच ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ (BESS) उत्पादों की मांग बढ़ी है। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं BESS पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और इस बाजार पर चीनी कंपनियों का दबदबा है।
झांग ने बताया, “आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो एशिया में 24/7 संचालन के लिए ‘सोलर प्लस BESS’ प्रणाली नए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) वाले गैस टरबाइन प्रोजेक्ट्स को लागत में कड़ी टक्कर दे सकती है। इसलिए, जिन देशों में बड़े पैमाने पर सौर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जगह है, वहां आने वाले वर्षों में चीनी BESS की मांग में भारी वृद्धि की उम्मीद है।”
दुनियाभर में चीनी कंपनियों का दबदबा
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BESS इंटीग्रेटर्स: ताइपे स्थित कंसल्टिंग फर्म ‘इन्फोलिंक’ (InfoLink) के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में शिपमेंट के लिहाज से दुनिया के शीर्ष 10 BESS प्रदाताओं में से नौ चीनी कंपनियां थीं, जिनमें शेनझेन स्थित ‘बीवाईडी’ (BYD) सबसे आगे रही।
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बैटरी उत्पादन: सियोल स्थित ‘SNE रिसर्च’ के आंकड़ों से पता चलता है कि ऊर्जा भंडारण बैटरी की मात्रा के मामले में, शीर्ष 10 उत्पादकों की पूरी सूची पर चीनी कंपनियों का कब्जा रहा, जिसका नेतृत्व CATL ने किया।
लागत, गुणवत्ता और तेज डिलीवरी है चीन की ताकत
शंघाई स्थित कंसल्टिंग फर्म ‘ऑटोमोटिव फोरसाइट’ के प्रबंध निदेशक येल झांग ने कहा कि चीनी कंपनियां अपनी लागत में लाभ के साथ-साथ हाई प्रोडक्ट क्वालिटी और फास्ट डिलीवरी का फायदा उठाकर विदेशी बाजार पर कब्जा कर रही हैं। उन्होंने जोड़ा, “केवल चीनी कंपनियों के पास ऐसी तकनीकी प्रतिभा और समर्पित टीमें हैं जो 20 साल से ज्यादा चलने वाले प्लांट्स का स्थिर संचालन और रखरखाव संभाल सकती हैं।”
BYD और Gotion जैसी कंपनियों ने विदेशी परियोजनाओं के लिए डिलीवरी का समय 5 से 7 महीने से घटाकर केवल तीन महीने कर दिया है। उदाहरण के लिए, Gotion ने मिस्र में अफ्रीका की सबसे बड़ी स्टैंड-अलोन परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर होने के केवल तीन महीने बाद BESS उत्पादों का पहला बैच भेज दिया है। वहीं, BYD ने पोलैंड में बैटरी भंडारण प्रणालियों के लिए अपनी सबसे बड़ी विनिर्माण सुविधा का काम शुरू कर दिया है, जिसके 2027 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
क्या ओवरकैपेसिटी का है खतरा?
वॉटररॉक के झांग ने चेतावनी दी है कि समझौते से लेकर डिलीवरी तक के समय में भारी कमी यह भी दर्शाती है कि चीनी कंपनियों के बीच BESS का उत्पादन बहुत ज्यादा (ओवरकैपेसिटी) हो गया है और विदेशी बाजारों में उनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
हालांकि, CATL ने 21 अक्टूबर को ओवरसप्लाई की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि उसे उम्मीद है कि अगले साल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में BESS की मांग ‘मजबूत बनी रहेगी’। कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी बनाने वाली इस अग्रणी कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि वैश्विक मांग उतनी निराशाजनक नहीं है जितनी बाजार को चिंता थी।

