मथुरा में BJP-RLD में बढ़ी तल्खी, प्रीतम चौधरी बोले- ‘इतनी घृणा क्यों?’

उत्तर प्रदेश के मथुरा में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मथुरा के RLD जिलाध्यक्ष प्रीतम चौधरी ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मंत्री के बयान को आपत्तिजनक और गठबंधन धर्म के खिलाफ करार दिया है।
‘जिस दल ने राजनीतिक संजीवनी दी, उसी से घृणा क्यों?’
प्रीतम चौधरी ने एक चैनल को दिए गए मंत्री के इंटरव्यू का जिक्र करते हुए तीखा हमला बोला।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जिस दल (रालोद) की वजह से किसी राजनेता को राजनीतिक जीवन में पहचान मिली और अस्तित्व संकट में होने पर संजीवनी मिली, उसी दल के प्रति मन में इतनी घृणा क्यों होनी चाहिए?
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RLD नेता ने कहा कि राजनीति में इस तरह की भाषा का प्रयोग शोभा नहीं देता और इससे गठबंधन की गरिमा को ठेस पहुंचती है। इस पूरे मामले पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (जयंत चौधरी) के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाएगा।
अखिलेश यादव की तारीफ और MLC योगेश नौबर का बयान
इस विवाद के बीच RLD जिलाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की कार्यशैली की तारीफ भी की। वहीं, RLD के एमएलसी योगेश नौबर ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आरएलडी कार्यकर्ता और नेता पूरी ईमानदारी से गठबंधन निभा रहे हैं, लेकिन लगातार आ रहे ऐसे बयानों से कार्यकर्ता हताश और नाराज होते हैं, जो एनडीए गठबंधन के हित में नहीं है।
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योगेश नौबर ने तंज कसते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन की इज्जत जयंत चौधरी बचा रहे हैं, जबकि पूर्वी यूपी की कई सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है।
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उन्होंने आपत्ति जताई कि गठबंधन सहयोगियों को बार-बार इस तरह के बयान देने के लिए मजबूर न किया जाए।
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण का पलटवार
अपने ऊपर लगे आरोपों और बयानों पर सफाई देते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि रालोद के 80 प्रतिशत कार्यकर्ता उनके पास अपने काम लेकर आते हैं और वे सभी का सहयोग करते हैं। वहीं, अखिलेश यादव की तारीफ वाले मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले व्यक्ति हैं, इसलिए वे किसी अन्य दल के नेता की बेवजह तारीफ नहीं करते, बल्कि अपनी बात पूरी स्पष्टता से रखते हैं।
