3,284 जूनियर असिस्टेंट भर्ती पर गुस्सा, ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे अभ्यर्थी

dy cm pathak
महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कनिष्ठ सहायक भर्ती प्रक्रिया की लेटलतीफी से नाराज सैकड़ों प्रतियोगी छात्रों ने बुधवार को भारी बारिश के बीच उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। हाथों में तख्तियां लिए ये युवा खराब मौसम की परवाह किए बिना अपनी मांगों पर डटे रहे और शासन से रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की मांग रखी। छात्रों के इस आक्रोश का मुख्य कारण पीईटी-2023 (PET-2023) के तहत विज्ञापित पदों की रुकी हुई चयन प्रक्रिया है।

पीईटी-2023 के तहत 3,284 पदों पर फंसी है प्रक्रिया

छात्रों का कहना है कि पीईटी-2023 के आधार पर निकाली गई कनिष्ठ सहायक के 3,284 पदों की भर्ती प्रक्रिया काफी समय से ठप पड़ी

हुई है। इस लेत-लतीफी के कारण लिखित परीक्षा में शामिल हुए हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंसा है। प्रदर्शनकारियों ने शासन और आयोग के सामने अपनी मुख्य मांग रखते हुए कहा कि लिखित परीक्षा का परिणाम तत्काल घोषित किया जाए और इसके साथ ही अगले चरण यानी टाइपिंग टेस्ट की तारीखें तय की जाएं।

डिप्टी सीएम ने आयोग अध्यक्ष को फोन कर दिए निर्देश

लगातार हो रही तेज बारिश के बीच छात्रों की भीड़ और उनके कड़े रुख को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक अपने आवास से बाहर आए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने मौके से ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के अध्यक्ष को फोन मिलाया। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष को इस रुकी हुई चयन प्रक्रिया की अड़चनें दूर कर इसमें तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।

आचार संहिता का डर, आधिकारिक नोटिस पर अड़े छात्र

उप मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और आयोग अध्यक्ष से टेलीफोनिक बातचीत के बाद भी अभ्यर्थियों का रुख पूरी तरह से स्पष्ट रहा। छात्रों ने साफ कर दिया कि उन्हें बार-बार मिलने वाले आश्वासनों से कोई समाधान नहीं दिखाई दे रहा है।

युवाओं ने आशंका जताई कि अगर प्रक्रिया में और अधिक विलंब हुआ, तो आगामी चुनावी आचार संहिता के चलते यह पूरी भर्ती प्रक्रिया लटक सकती है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर लिखित परीक्षा का परिणाम और टाइपिंग का पूरा शेड्यूल जारी नहीं हो जाता, उनका यह दबाव और इंतजार जारी रहेगा।