IRGC ने US बेस को क्यों बनाया निशाना? अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा

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अजमल शाह
अजमल शाह

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बड़ा हमला करने का दावा किया है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में IRGC ने कहा कि उसके बलों ने कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस (Ali Al-Salem Air Base) पर अमेरिकी कमांडर के कमांड कंपाउंड और लिविंग क्वार्टर पर मिसाइल और ड्रोन से सटीक हमले किए। इस कार्रवाई में एक ड्रोन हेंगर में आग लग गई और कई अमेरिकी ड्रोन नष्ट हो गए।

ईरान में शादी समारोह पर हुए हमले का बदला

IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह सैन्य कार्रवाई दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में अमेरिकी हमले के जवाब में की गई है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी बलों ने एक युवा सुन्नी जोड़े के शादी समारोह को मातम में बदल दिया था, जब एक रिहायशी मकान पर बमबारी की गई। इस हमले में एक बच्चे समेत पांच नागरिकों की मौत हो गई थी और करीब 70 लोग प्रभावित हुए थे।

बयान में कहा गया है, “इस अपराध के जवाब में, आज भोर में IRGC ग्राउंड फोर्स के वीर लड़ाकों ने जॉर्डन, बहरीन और एरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के साथ-साथ अली अल-सलेम बेस पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक को अंजाम दिया।” ईरान का दावा है कि इस हमले में भारी संख्या में अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं।

कुवैत की जनता को संदेश और क्षेत्रीय तनाव

कुवैत के नागरिकों को संबोधित करते हुए IRGC ने कहा कि वे क्षेत्र में उनके साथ गहरा लगाव रखते हैं, लेकिन मुख्य चिंता अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। बयान में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य कुवैत की पवित्र भूमि को अमेरिकी सैन्य उपस्थिति से मुक्त कराना है।

विश्लेषकों का मानना है कि लाल सागर के पास कैंप टिटिन और अब कुवैत स्थित एयरबेस पर हुए इन हमलों से यह साबित हो गया है कि भौगोलिक दूरी अब अमेरिकी ठिकानों को ईरानी हमलों से सुरक्षित नहीं रख पा रही है।

CENTCOM के दावे और अमेरिका-ईरान संघर्ष

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि ये airstrikes होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग (sea mines) बिछाने की कोशिशों और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई थीं, जिन्हें ईरानी सैन्य सूत्रों ने खारिज कर दिया है।

यह ताजा सैन्य टकराव उस समय और भड़क गया है जब कुछ दिन पहले अमेरिका ने ईरान के लाराक द्वीप और सिस्तान-बलूचिस्तान के चाबहार व कोनारक इलाकों को निशाना बनाया था। इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी आक्रामकता का “कुचलने वाला और विनाशकारी” जवाब देना जारी रखेगा।