कैंप डेविड में बैठक, खाड़ी की ओर बढ़े हजारों अमेरिकी सैनिक और युद्धपोत

वाशिंगटन/दुबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की कैंप डेविड में बिना किसी पूर्व सूचना के हुई बैठक और मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना के भारी जमावड़े ने ईरान के खिलाफ व्हाइट हाउस की भावी रणनीति को लेकर हलचल तेज कर दी है। कूटनीतिक वार्ताओं में दोबारा गतिरोध आने के बीच अमेरिका द्वारा सैन्य विकल्पों को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।
कैंप डेविड की अघोषित बैठक में क्या हुआ?
अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सियोस’ (Axios) ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि शुक्रवार को कैंप डेविड में कई घंटों तक एक उच्चस्तरीय बैठक चली, जिसका आयोजन व्हाइट हाउस की आधिकारिक अनुसूची में दर्ज नहीं था।
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बैठक का नेतृत्व: बैठक की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने की।
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प्रमुख उपस्थिति: इसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन शामिल हुए।
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एजेंडा: बैठक में ईरान से जुड़े संकट और यमन में सऊदी-हूती टकराव पर विस्तृत चर्चा हुई।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बैठक में अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श के बाद कुछ निर्णय लिए गए हैं, हालांकि व्हाइट हाउस ने फैसलों को सार्वजनिक नहीं किया है। इससे पहले जून 2025 में भी ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की कैंप डेविड में ऐसी ही एक बैठक हुई थी, जिसके कुछ ही दिनों बाद इजरायल और ईरान के बीच सीधा युद्ध शुरू हो गया था।
खाड़ी में 10,000 अतिरिक्त सैनिक और 3 एयरक्राफ्ट कैरियर
पेंटागन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बलों की मौजूदगी में बड़ा इजाफा कर रहा है।
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विमानवाहक पोत ‘यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट’ (USS Theodore Roosevelt) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और ‘यूएसएस माकिन आइलैंड’ (USS Makin Island) एम्फीबियस रेडी ग्रुप को क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है।
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इस नई तैनाती के तहत 9,000 से 10,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैन्यकर्मी मध्य पूर्व पहुंच रहे हैं।
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यदि मौजूदा और नए बेड़ों की तैनाती एक साथ बनी रहती है, तो अमेरिका के पास क्षेत्र में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और दो एम्फीबियस ग्रुप मौजूद होंगे। इससे अमेरिकी कमांडरों को रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह की व्यापक क्षमता मिलेगी।
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संभावित ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के मद्देनजर अमेरिका ने अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर अपनी सुरक्षा पंक्ति को भी मजबूत किया है।
‘अगर मैंने बताया तो बड़ी खबर बन जाएगी’—ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सैन्य मंशा को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं की है।
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‘टाइम’ (TIME) पत्रिका से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं, तो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) के बाद ईरान पर नए सिरे से सैन्य हमले “संभव” हैं।
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गुरुवार को एक बयान में ट्रंप ने कहा था कि चुनाव के ठीक बाद युद्ध जीता जा सकता है या यह उससे पहले भी हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान पीछे हटने की स्थिति में पहुंच चुका है।
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शुक्रवार को कैंप डेविड बैठक के दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से अगले कदम के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा: “अगर मैंने आपको यह बता दिया, तो आपके पास एक बहुत बड़ी खबर होगी… आप खुद ही देख लेंगे।”
कूटनीतिक बातचीत बेअसर, कतर के प्रयास विफल
सैन्य तैयारियों के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद होते दिख रहे हैं।
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कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन वाशिंगटन और तेहरान के रुख में भारी अंतर बना हुआ है।
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ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की शर्त पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए खोलने की बात कही गई थी।

