अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान का तेल निर्यात ठप, खार्ग पर आवाजाही रुकी

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के कच्चे तेल के निर्यात तंत्र को पूरी तरह से पंगु बना दिया है और ईरानी शासन की मुख्य वित्तीय जीवनरेखा को काट दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को तेहरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वाशिंगटन का आक्रामक आर्थिक अभियान, जिसे ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ (Operation Economic Outcast) नाम दिया गया है, पूरी तरह सफल रहा है।

खार्ग द्वीप पर तेल टैंकरों की आवाजाही ठप

बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक ग्राफिक वीडियो साझा करते हुए फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य समुद्री निर्यात केंद्र ‘खार्ग द्वीप’ (Kharg Island) के आसपास तेल शिपिंग ट्रैफिक में भारी कमी को उजागर किया। उन्होंने दावा किया कि इस फैसिलिटी का काम अब लगभग ठप हो चुका है।

बेसेंट ने अपनी पोस्ट में लिखा, “पहले: टैंकर ईरान के मुख्य तेल-लोडिंग टर्मिनल को भरते थे। बाद में: कोई कच्चा टैंकर नजर नहीं आ रहा है। खार्ग द्वीप अब उस एक चीज का स्मारक मात्र है जो ईरानी शासन अभी भी पैदा कर सकता है: विफलता। शासन का अहंकार और युद्धक रवैया आम ईरानियों को दंडित कर रहा है।”

आतंकवाद और IRGC की फंडिंग रोकना मकसद

ट्रेजरी सचिव ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन की इस आर्थिक घेराबंदी का उद्देश्य जानबूझकर ईरानी शासन का खजाना खाली करना है। इसके जरिए क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों, अवैध हथियार कार्यक्रमों और राज्य समर्थित संस्थाओं की फंडिंग को रोकना है। बेसेंट के मुताबिक, ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शासन की तेल से होने वाली आय को काट रहा है, ताकि आतंकवाद, परमाणु खरीद और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) एलीट की विलासितापूर्ण जीवनशैली के लिए संसाधन न मिल सकें।

24 अगस्त को शुरू हुआ था ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’

स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त 2026 को ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ की घोषणा की थी। इसका मकसद ईरान के वित्तीय नेटवर्क, तेल बिक्री और प्रतिबंधों से बचने के रास्तों को निशाना बनाना है।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत ईरान द्वारा तेल तस्करी और आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नेटवर्क और वित्तीय चैनलों की पूरी मैपिंग की गई है। अमेरिका अपने यूरोपीय संघ (EU), यूनाइटेड किंगडम (UK) और खाड़ी सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के अवैध राजस्व के हर स्रोत को निशाना बना रहा है।

CENTCOM की नाकेबंदी, 25 अरब डॉलर का निर्यात रुका

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उसकी 100 दिनों की नौसैनिक नाकेबंदी ने स्वीकृत मानवीय सहायता को छोड़कर ईरान के साथ सभी समुद्री व्यापार को रोक दिया है। इस नाकेबंदी के कारण तेहरान को कम से कम 25 अरब डॉलर (लगभग 2.11 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के कच्चे तेल के निर्यात से वंचित कर दिया गया है।

ट्रेजरी विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग या प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाली किसी भी संस्था को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। यह अभियान उन गैर-अमेरिकी व्यक्तियों के लिए भी प्रतिबंधों का जोखिम बढ़ाता है, जो ईरानी शासन के साथ व्यापार करना जारी रखे हुए हैं।