Iran Warning: अमेरिका-इजरायल को फिर ‘कड़वी हार’ चखाने की चेतावनी

मध्य पूर्व में बढ़ते भारी तनाव और सैन्य गतिरोध के बीच ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरानी सेना ने देश के राष्ट्रीय हितों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यदि कोई नई आक्रामकता दिखाई गई, तो दुश्मनों को “और अधिक पराजयों का कड़वा स्वाद” चखाया जाएगा।
यह बयान ‘पवित्र रक्षा सप्ताह’ (Sacred Defense Week) के उपलक्ष्य में जारी किया गया, जो 1980-1988 के ईरान-इराक युद्ध की शुरुआत की याद में हर साल 22 सितंबर से मनाया जाता है।
‘पश्चिम एशिया में सुरक्षा समीकरण बदल चुके हैं’
ईरानी सशस्त्र बलों के संयुक्त बयान में कहा गया कि ईरानी आवाम ने अपने विश्वास और एकता के बल पर पूर्व इराकी शासन के हमलों के साथ-साथ तत्कालीन वैश्विक महाशक्तियों के राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा दबावों का मजबूती से सामना किया था और देश की एक इंच जमीन भी नहीं जाने दी थी।
वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए बयान में दावा किया गया कि ईरानी सेना ने पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों, सुरक्षा बुनियादी ढांचे और रणनीतिक हितों को भारी नुकसान पहुंचाया है:
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सुरक्षा समीकरणों में बदलाव: बयान के मुताबिक, इन कदमों ने सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
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होर्मुज पर नियंत्रण: ईरान ने ‘ईरानी व्यवस्थाओं’ के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना सख्त नियंत्रण बनाए रखा है।
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अमेरिकी साख को झटका: बयान में कहा गया कि हमलों ने अमेरिकी सेना की अजेयता की “खोखली छवि” को उजागर किया है और इजरायली सैन्य तंत्र को भारी झटका दिया है।
सशस्त्र बलों ने भरोसा दिलाया कि वे हाइब्रिड वॉरफेयर—विशेषकर आर्थिक, मनोवैज्ञानिक और मीडिया वॉर—का मुकाबला करने के लिए अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं पर भरोसा जारी रखेंगे और दुश्मनों को एक और निर्णायक हार का सामना कराएंगे।
IRGC की चेतावनी: ‘बदल जाएगा युद्ध का भूगोल और हथियार’
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने एक अलग बयान में आगाह किया कि यदि ईरान पर कोई नया हमला किया जाता है, तो यह युद्ध के पूरे भूगोल और इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के स्तर में बड़ा बदलाव लाएगा। प्रवक्ता ने संकेत दिया कि संभावित जवाबी कार्रवाई का दायरा और उसकी तीव्रता पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक होगी।
सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातेमी का बयान
ईरान के थल सेना प्रमुख (Army Commander) मेजर जनरल अमीर हातेमी ने भी सोमवार को सशस्त्र बलों की पूर्ण तत्परता और सतर्कता पर जोर दिया। हातेमी ने कहा, “ईश्वर पर भरोसे और ईरानी जनता के समर्थन के साथ, हमारे सशस्त्र बल अपने प्यारे ईरान की स्वतंत्रता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में एक पल के लिए भी नहीं हिचकिचाएंगे।”
टकराव की पृष्ठभूमि: होर्मुज पर कड़ा नियंत्रण
बयान में पिछले सैन्य टकरावों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जून 2025 में 12 दिनों तक चले पहले बड़े सैन्य गतिरोध और 28 फरवरी 2026 से अप्रैल की शुरुआत तक चले 40 दिवसीय दूसरे दौर के टकराव में ईरान की जवाबी कार्रवाइयों ने विरोधियों को संघर्ष विराम पर मजबूर किया था।
जुलाई में अमेरिकी हवाई हमलों और नौसैनिक नाकेबंदी के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जिसके जवाब में ईरानी बलों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी प्रकार के आवागमन के लिए बंद करने की घोषणा की थी, जिस पर गतिरोध अब भी बना हुआ है।
