Elections: पुतिन की United Russia को 57.83% वोट, ड्यूमा में बढ़त

रूस में हुए महत्वपूर्ण संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ताधारी पार्टी ‘यूनाइटेड रशिया’ (United Russia) ने शानदार जीत दर्ज की है। 2022 में यूक्रेन के खिलाफ शुरू किए गए विशेष सैन्य अभियान (Special Military Operation) के बाद यह रूस का पहला संसदीय चुनाव था।
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सोमवार तक गिने गए वोटों में से ‘यूनाइटेड रशिया’ ने लगभग 57.8 प्रतिशत मत हासिल कर चुनाव में निर्णायक बढ़त बना ली है, जिससे वह स्पष्ट विजेता के रूप में उभरी है।
‘यूनाइटेड रशिया’ को भारी बहुमत
चुनाव आयोग की अध्यक्ष एला पैम्फिलोवा (Ella Pamfilova) द्वारा जारी प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक:
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यूनाइटेड रशिया (United Russia): 57.83% वोट और कई सिंगल-मेंबर निर्वाचन क्षेत्रों में भारी जीत।
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कम्युनिस्ट पार्टी (CPRF): 13.81% वोट के साथ दूसरे स्थान पर।
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लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDPR): 8.98% वोट।
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न्यू पीपल (New People): 7.96% वोट।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि ‘यूनाइटेड रशिया’ की यह भारी जीत इस बात का प्रमाण है कि रूसी जनता क्रेमलिन (रूसी सत्ता) और पुतिन की नीतियों—विशेषकर यूक्रेन संघर्ष को लेकर—का मजबूती से समर्थन कर रही है।
यूक्रेनी ड्रोन और साइबर हमलों का साया
शुक्रवार से शुरू हुए इन तीन दिवसीय चुनावों पर लगातार साइबर हमलों और यूक्रेनी ड्रोन्स का साया मंडराता रहा। चुनाव न केवल पूरे रूस में, बल्कि उन पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों में भी कराए गए जिन्हें जनमत संग्रह के बाद मास्को ने अपने नियंत्रण में लिया था।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने देश भर में, क्रीमिया और काला सागर के ऊपर कुल 1,110 यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया। वहीं, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने दावा किया कि मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 1,600 ड्रोन्स को बीच में ही रोक दिया गया।
हालांकि, इन हमलों में नागरिकों की जान भी गई। मॉस्को क्षेत्र में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, जबकि खेरसॉन क्षेत्र में एक चुनाव अधिकारी सहित दो लोग मारे गए।
हमलों के बावजूद एकजुट दिखा रूसी समाज
चुनाव प्रणाली को बाधित करने के लिए लगातार साइबर हमले भी किए गए, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने दावा किया कि इसके बावजूद मतदान प्रक्रिया काफी हद तक सुचारू रूप से संपन्न हुई।
सीईसी की अध्यक्ष एला पैम्फिलोवा ने कहा कि इन हमलों से मतदाता डरे नहीं। आरआईए (RIA) समाचार एजेंसी ने पैम्फिलोवा के हवाले से कहा, “उन्होंने (दुश्मनों ने) हम पर जितना दबाव डाला, हम समाज में सार्वजनिक एकता का उतना ही अभूतपूर्व स्तर देख रहे हैं।”
रूसी सरकारी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए यूक्रेन (कीव) को जिम्मेदार ठहराते हुए चुनाव को बाधित करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की है। चुनाव आयोग शुक्रवार से पहले इन चुनावों के अंतिम और आधिकारिक परिणाम प्रकाशित करने वाला है।
