Uganda में PSU को अधिकार नहीं, Pharmacy Board करेगा नियमन

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अजमल शाह
अजमल शाह

युगांडा के अटॉर्नी जनरल ने देश के फार्मेसी क्षेत्र में अधिकारों को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फार्मास्युटिकल सोसाइटी ऑफ युगांडा (PSU) के पास फार्मासिस्टों को वार्षिक प्रैक्टिसिंग लाइसेंस जारी करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

सॉलिसिटर जनरल पायस पर्ली बिरीबोनवोहा की स्पष्ट कानूनी राय आने के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 सितंबर, 2026 को सख्त निर्देश जारी करते हुए सोसाइटी को तत्काल प्रभाव से लाइसेंस जारी करने से रोक दिया है। कानूनी राय के अनुसार, युगांडा में फार्मासिस्टों को विनियमित करने, पंजीकृत करने और लाइसेंस देने का वैधानिक और अंतिम अधिकार केवल फार्मेसी बोर्ड (Pharmacy Board) और उसके रजिस्ट्रार के पास है।

कैसे शुरू हुआ अधिकारों का विवाद?

यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब पीएसयू (PSU) ने एकतरफा फैसला लेते हुए अपने उन सदस्यों के ‘वार्षिक सदस्यता प्रमाणपत्र’ (Annual Membership Certificate) को ही ‘प्रैक्टिसिंग लाइसेंस’ में बदल दिया, जिन्होंने अपने सदस्यता शुल्क का पूरा भुगतान कर दिया था।

पीएसयू के इस अप्रत्याशित कदम के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले में हस्तक्षेप किया और ‘फार्मेसी और ड्रग्स अधिनियम, कैप. 309’ की स्पष्ट कानूनी व्याख्या की मांग की, ताकि यह साफ हो सके कि वार्षिक प्रैक्टिसिंग लाइसेंस जारी करने का वास्तविक अधिकार किस संस्था के पास है।

सॉलिसिटर जनरल की कानूनी राय में क्या है?

11 सितंबर को सौंपी गई अपनी कानूनी राय में सॉलिसिटर जनरल बिरीबोनवोहा ने अधिनियम की व्याख्या करते हुए निम्नलिखित बातें स्पष्ट कीं:

  • अधिकारों की सीमा: ‘फार्मेसी और ड्रग्स अधिनियम’ पीएसयू को सदस्यता, पेशेवर मानकों, शिक्षा, प्रशिक्षण और फार्मेसी पेशे को बढ़ावा देने से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपता है, लेकिन यह किसी भी तरह से सोसाइटी को वार्षिक प्रैक्टिसिंग लाइसेंस जारी करने का अधिकार नहीं देता।

  • पंजीकरण का अधिकार रजिस्ट्रार के पास: अधिनियम की धारा 13 के तहत, योग्य फार्मासिस्टों का पंजीकरण करने, रजिस्टर मेंटेन करने और उन्हें आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी करने की जिम्मेदारी फार्मेसी बोर्ड के निर्देश पर केवल रजिस्ट्रार की है।

  • सदस्यता और लाइसेंस दो अलग चीजें हैं: सॉलिसिटर जनरल ने जोर देकर कहा कि पीएसयू की सदस्यता (Membership) और वैधानिक पंजीकरण (Statutory Registration) दो पूरी तरह से अलग मामले हैं। पीएसयू सदस्यता शुल्क के भुगतान को किसी भी स्थिति में वैधानिक प्रैक्टिसिंग लाइसेंस के लिए किया गया भुगतान नहीं माना जा सकता।

  • निलंबन का अधिकार नहीं: यदि किसी फार्मासिस्ट की पीएसयू सदस्यता किसी कारण से समाप्त हो जाती है, तो भी सोसाइटी के पास स्वतंत्र रूप से उसके प्रैक्टिस करने के वैधानिक अधिकार को निलंबित या रद्द करने की कोई शक्ति नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए सख्त निर्देश

सॉलिसिटर जनरल की इस रिपोर्ट के आधार पर, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक प्रो. चार्ल्स ओलारो ने पीएसयू के सचिव डॉ. लुटोती स्टीफन को पत्र लिखकर कड़े निर्देश दिए हैं:

  1. सोसाइटी तुरंत प्रभाव से फार्मासिस्टों को किसी भी प्रकार का प्रैक्टिसिंग लाइसेंस जारी करना बंद करे।

  2. पीएसयू अपने सभी प्रमाणपत्रों, दस्तावेजों और आधिकारिक संचार में ‘सोसाइटी की सदस्यता’ और ‘वैधानिक पंजीकरण/लाइसेंसिंग’ के बीच स्पष्ट अंतर रखे, ताकि फार्मासिस्टों, नियोक्ताओं और आम जनता के बीच कोई भ्रम पैदा न हो।

  3. सोसाइटी इस नए बदलाव की जानकारी प्रभावित फार्मासिस्टों और संबंधित हितधारकों तक पहुंचाने के लिए फार्मेसी बोर्ड और रजिस्ट्रार के साथ मिलकर काम करे, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से लागू हो सके।