दूसरों का भविष्य बताने वाले इंदु प्रकाश की पत्नी को 300 वोट भी नहीं मिले

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। मशहूर ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी स्मिता मिश्रा लखनऊ खंड स्नातक सीट से चुनाव हार गई हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरीं स्मिता को इस चुनाव में 300 से भी कम वोट हासिल हुए। इस अहम सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) की उम्मीदवार कांति सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त देकर जीत दर्ज की है।
कांग्रेस से टिकट न मिलने पर लड़ी थीं निर्दलीय चुनाव
स्मिता मिश्रा ने चुनाव से ठीक पहले 28 सितंबर 2026 को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि उन्हें लखनऊ खंड स्नातक सीट से कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
चुनावी प्रक्रिया और मतपेटियों पर उठाए सवाल
300 से भी कम वोट मिलने के बाद स्मिता मिश्रा ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतपेटियों के नंबरों और उनके अंदर मिले मतपत्रों की संख्या में अंतर था। उन्होंने दावा किया कि कुछ पेटियों में निर्धारित संख्या से ज्यादा मतपत्र पाए गए हैं। हालांकि, प्रशासन या निर्वाचन अधिकारियों की ओर से उनके इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर कसा जा रहा तंज
चुनाव के नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर स्मिता मिश्रा की हार को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चुनाव में 400 का आंकड़ा भी पार न कर पाने पर लोग तंज कस रहे हैं कि दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य के परिवार को ही चुनाव में अपनी हार का अंदाजा नहीं लग सका। इस सीट पर मुख्य चुनावी लड़ाई सपा और बीजेपी के बीच केंद्रित रही, जहां अंततः सपा की कांति सिंह ने जीत हासिल की।

