राष्ट्रपति ने मांगे वोट चोरी के सबूत! राहुल-ममता ने मुलाकात के बाद क्या कहा?

विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के 10 सांसदों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार देर रात राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और चुनावी प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप लगाए। मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं ने बताया कि राष्ट्रपति ने पूरे मामले को सुना है और लगाए गए आरोपों के संबंध में दस्तावेजी सबूत मांगे हैं, जिसे विपक्ष जल्द सौंपने की तैयारी कर रहा है।
‘राष्ट्रपति ने दावों का खंडन नहीं किया, कार्रवाई का भरोसा दिया’: राहुल गांधी
मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति से बातचीत बेहद अहम रही। राहुल गांधी ने दावा किया, “हमने देश में हो रही वोट चोरी को लेकर विस्तार से बात रखी और राष्ट्रपति ने इसका खंडन नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे इस पर विचार करेंगी और आवश्यक कदम उठाएंगी।”
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निगरानी में निष्पक्ष चुनाव प्रणाली प्रभावित हुई है और उन पर सीधे आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से पूरे मामले के आधिकारिक साक्ष्य मांगे हैं, जिन्हें सौंपा जाएगा।
‘संविधान की संरक्षक होने के नाते करें रक्षा’: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी पहली बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे इस साझा विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “हमें राष्ट्रपति की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा है कि वह पूरे मामले की जांच करेंगी और संपूर्ण जानकारी देखेंगी।”
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि देश की जनता इस समय चुनावी निष्पक्षता को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि संविधान की सर्वोच्च संरक्षक होने के नाते लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए उचित और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। तृणमूल प्रमुख ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए सभी तथ्य और विवरण जल्द ही राष्ट्रपति भवन को प्रेषित किए जाएंगे।
सेंट्रल हॉल में रणनीति, खरगे बोले- जुटा रहे हैं सबूत
राष्ट्रपति भवन जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में करीब 30 मिनट तक एक बैठक की, जिसमें ज्ञापन के मसौदे और रणनीति पर चर्चा हुई।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित सबूत प्रस्तुत करने को कहा है। खरगे के मुताबिक, विपक्षी दल जमीनी स्तर से आंकड़े और अनियमितताओं के विवरण एकत्रित कर रहे हैं, जिन्हें एक विस्तृत डोजियर के रूप में राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।
4 दिनों में तीसरा मार्च: संसद से सड़कों तक विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों का यह आंदोलन पिछले चार दिनों से लगातार जारी है। शुक्रवार का यह घटनाक्रम पिछले चार दिनों में विपक्ष का तीसरा बड़ा शक्ति प्रदर्शन था:
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6 अक्टूबर: सांसदों ने संसद परिसर से ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) मार्च निकाला।
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7 अक्टूबर: जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन के लिए बढ़े सांसदों को सुरक्षा बलों ने रास्ते में रोक दिया था।
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8 अक्टूबर: कनॉट प्लेस से लेकर राजघाट तक विरोध मार्च निकाला गया।
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9 अक्टूबर: संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद 10 प्रमुख सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने देर रात राष्ट्रपति से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

