CJP को जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत नहीं, पुलिस ने बताया कहां हुई चूक

delhi-police-1
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति न देने के फैसले पर दिल्ली पुलिस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस जमावड़े की इजाजत नहीं दी गई है। पुलिस ने इसके पीछे जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा, 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने और हाल ही में महिला कांस्टेबलों के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं को मुख्य आधार बताया है।

एक दिन की मिली थी छूट, महीने भर चला था जमावड़ा

दिल्ली पुलिस ने अपनी प्रेस रिलीज में जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर हुए पिछले प्रदर्शन के घटनाक्रम का ब्योरा दिया है। पुलिस के अनुसार, उस समय आयोजकों को केवल एक दिन के विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन यह जमावड़ा लगभग एक महीने तक लगातार चलता रहा। अनुमति की शर्तों का उल्लंघन होने के कारण इलाके में स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती चली गई थी।

2,000 दागी चेहरे और 200 घायल पुलिसकर्मी

पुलिस ने प्रेस रिलीज में दावा किया कि जुलाई के प्रदर्शन के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal Background) वाले 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सेदारी की थी, जिसके चलते सुनियोजित हिंसा की घटनाएं सामने आईं।

पुलिस के मुताबिक, हिंसक झड़पों के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि हालात बिगड़ने पर हुई धक्का-मुक्की और टकराव में कई बेगुनाह छात्र भी चोटिल हुए थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वही समूह अब एक बार फिर उसी स्थान पर इकट्ठा होने की कोशिश कर रहा है। पिछले अनुभवों को देखते हुए किसी भी नए जमावड़े की अनुमति देने से पहले सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।

महिला कांस्टेबलों से छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाएं

प्रेस रिलीज में पिछले हफ्ते जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों द्वारा ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबलों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करने की घटनाएं सामने आई हैं।

पुलिस प्रशासन ने इसे बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला बताते हुए कहा कि इन घटनाओं पर पूरी गंभीरता के साथ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और ऐसे हालात में दोबारा प्रदर्शन की छूट नहीं दी जा सकती।