पाकिस्तान में इमरान की बहनों की गिरफ्तारी पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को 30 दिनों के लिए हिरासत में भेजे जाने पर गहरी चिंता जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए उन्होंने पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई को मनमाना करार दिया और हिरासत में ली गईं बहनों की जल्द रिहाई की मांग की।
महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह बहुत ही दुख की बात है कि पाकिस्तान, जो ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध में शांति के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, वह अपने ही देश में असहमति के प्रति इतनी कम सहनशीलता दिखा रहा है।”
भाई की आवाज उठाने पर कार्रवाई चिंताजनक
पीडीपी अध्यक्ष ने इमरान खान के परिवार पर हुई इस कार्रवाई को सत्ता का दुरुपयोग बताया। उन्होंने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री की बहनों को सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वे अपने जेल में बंद भाई की रिहाई के लिए आवाज उठा रही थीं।
महबूबा मुफ्ती ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के सत्ता के गलियारों में बैठे समझदार लोग सरकार की इस ज्यादती के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे और उनकी बहनों को जल्द से जल्द रिहा किया जाएगा।
एमपीओ कानून के तहत 3 बहनों पर एक्शन
पाकिस्तान पुलिस ने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले यह धरपकड़ की है। पुलिस ने 21 सितंबर को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने (MPO) अध्यादेश के तहत इमरान खान की दो बहनों— डॉ. उजमा खान और नूरीन नियाजी को उनके भांजों के साथ 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया।
इससे ठीक एक दिन पहले, इसी अध्यादेश के तहत इमरान खान की एक अन्य बहन अलीमा खान को भी हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेजा गया था।
27 सितंबर को इस्लामाबाद में पीटीआई का प्रदर्शन
पीटीआई ने पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई को लेकर 27 सितंबर को राजधानी इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस विरोध मार्च को रोकने के लिए सरकार लगातार सख्त रुख अपना रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इमरान खान की पार्टी को चेतावनी दी है कि वे सड़कों पर उतरकर किसी भी तरह का उपद्रव या विरोध करने से बाज आएं।
