जानिए बाढ़ संकट में आधी रात खटिया पर क्यों बैठीं वैशाली की DM वर्षा सिंह

बिहार में इन दिनों बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और नदी-नाले उफान पर हैं। इस संकट की घड़ी में वैशाली (Vaishali) जिले की डीएम आईएएस वर्षा सिंह (IAS Varsha Singh) का एक वीडियो और तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। तस्वीर में डीएम वर्षा सिंह रात के अंधेरे में एक ‘खटिया’ पर बैठकर उफनते गंडक नदी के बांध पर राहत कार्यों की खुद निगरानी करती नजर आ रही हैं।
खतरे में था रिंग बांध, आधी रात को पहुंचीं DM
दरअसल, गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण लालगंज प्रखंड की यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर वार्ड-5 स्थित रिंग बांध में कई जगहों पर रिसाव और कटाव शुरू हो गया था। बांध टूटने का खतरा पैदा हो गया था, जिससे हजारों लोगों की जान-माल दांव पर थी।
जैसे ही यह सूचना वैशाली जिलाधिकारी वर्षा सिंह को मिली, वह बिना वक्त गंवाए देर रात मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों, जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और स्थानीय प्रशासन को तलब किया और युद्ध स्तर पर मरम्मत का काम शुरू करवाया।
रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक खटिया पर डाला डेरा
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डीएम वर्षा सिंह ने सिर्फ निर्देश देकर वापस लौटने के बजाय खुद घटनास्थल पर ही रुकने का फैसला किया।
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वह बांध पर ही एक खटिया पर बैठ गईं और रात 10 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक पूरी मुस्तैदी से हर गतिविधि पर नजर रखी।
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तकनीकी टीम, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मिलकर रिसाव वाले हिस्सों को बालू के बोरों से सुरक्षित करने में जुटे रहे। प्रशासन के अनुसार, डीएम की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई के चलते सभी संवेदनशील स्थानों को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और एक बहुत बड़ी तबाही टल गई।
सोशल मीडिया पर हो रही सादगी की चर्चा
डीएम वर्षा सिंह की यह सादगी और कर्तव्यनिष्ठा अब चर्चा का विषय बन गई है। लोग उनके जज्बे की तारीफ कर रहे हैं कि कैसे एक जिले का शीर्ष अधिकारी अपनी नींद छोड़कर, आधी रात को गांव की खटिया पर बैठकर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
खगड़िया के छोटे से गांव से IAS बनने तक का सफर
आईएएस वर्षा सिंह का सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है:
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मूल निवासी: वह मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड के सुदूर गांव बोरना की रहने वाली हैं। उनका जन्म 20 नवंबर 1986 को हुआ था।
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2016 बैच की IAS: वह बिहार कैडर की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।
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कार्यकाल: उनकी पहली पोस्टिंग गोपालगंज में सदर एसडीएम के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने अरवल जिले की जिलाधिकारी की कमान भी संभाली। वैशाली जिले की डीएम बनने से पहले वह नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थीं।

