क्या सिर्फ नमक कम करने से कंट्रोल होगा BP? पोटैशियम का भी है बड़ा रोल

एशिया भर में लाखों लोगों के लिए हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की समस्या केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह क्षेत्र के समृद्ध खान-पान से गहराई से जुड़ी हुई है। सोया सॉस, फिश सॉस से लेकर डिम सम ब्रोथ और नमकीन डिब्बों में बंद सामग्री तक—हमारे दैनिक स्वाद का बड़ा हिस्सा हाई-सोडियम वाली चीजों से ही आता है।
लंबे समय से स्वास्थ्य संगठन लोगों को नमक कम खाने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन, नई रिसर्च से पता चलता है कि हम इस समस्या के दूसरे बड़े हिस्से को नजरअंदाज कर रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, सोडियम को संतुलित करने के लिए अपनी डाइट में पोटैशियम (Potassium) की मात्रा को बढ़ाना कहीं ज्यादा जरूरी है।
नमक: कितनी जरूरत, कितना नुकसान?
नमक (Sodium Chloride) हमारे शरीर के कार्यों के लिए थोड़ी मात्रा में बहुत जरूरी है, लेकिन आधुनिक डाइट में इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।
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WHO का आंकड़ा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अत्यधिक सोडियम का सेवन दुनिया भर में हाइपरटेंशन (Hypertension) का मुख्य कारण है। 2023 में इसके कारण अनुमानित 17 लाख मौतें हुईं।
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WHO की सलाह: WHO वयस्कों को दिन भर में 2,000 मिलीग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच नमक) से कम सोडियम लेने की सलाह देता है। लेकिन, एशियाई देशों में लोग अक्सर इसका दोगुना सेवन करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह अतिरिक्त नमक सिर्फ खाने के ऊपर से डालने से नहीं आता; यह प्रोसेस्ड फूड्स, रेस्टोरेंट के खाने और खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले सॉस (जैसे- चिकन पाउडर, ओयस्टर सॉस, फिश सॉस) में छिपा होता है। हांगकांग स्थित न्यूट्रिशन पॉइंट के संस्थापक और आहार विशेषज्ञ जिम लाउ (Jim Lau) के अनुसार, “नमक हमारी रेसिपीज के स्वाद का मुख्य आधार है, इसलिए सिर्फ नमक कम करने की सलाह काम नहीं करती।”
सोडियम-पोटैशियम का सही अनुपात है समाधान
यूनिवर्सिटी ऑफ वर्मोंट के मेडिसिन विभाग की एक नई रिपोर्ट एक नया रास्ता दिखाती है। रिपोर्ट के अनुसार, केवल नमक छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, अपनी पूरी डाइट में ‘सोडियम और पोटैशियम के अनुपात’ (Sodium-to-Potassium Ratio) को संतुलित करना ज्यादा फायदेमंद है।
कैसे काम करते हैं सोडियम और पोटैशियम? सोडियम आपकी कोशिकाओं के बाहर का मुख्य खनिज है, जबकि पोटैशियम कोशिकाओं के अंदर का मुख्य खनिज है। ये दोनों मिलकर शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन, नसों के संकेत और मांसपेशियों (दिल की धड़कन सहित) के संकुचन को नियंत्रित करते हैं।
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बहुत अधिक सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ाता है।
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बहुत कम पोटैशियम उस प्रभाव को और खराब कर देता है।
चीन में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 20,000 से अधिक लोगों पर किए गए एक बड़े अध्ययन (SSaSS) में पाया गया कि सामान्य नमक की जगह ‘पोटैशियम युक्त नमक’ (Potassium-enriched salt) का उपयोग करने से स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे में 14% तक की कमी आई।
पोटैशियम के प्रमुख स्रोत (Potassium Rich Foods)
यदि ज्यादातर लोग बहुत अधिक नमक खाते हैं, तो वे पोटैशियम भी बहुत कम खाते हैं, जबकि यह आसानी से उपलब्ध है।
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केला और एवोकाडो इसके बेहतरीन स्रोत हैं।
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हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, शकरकंद के पत्ते, चौलाई का साग (Amaranth leaves) और ब्रोकली में भरपूर पोटैशियम होता है।
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कमल ककड़ी (Lotus root), मूंग की दाल और एडामे (Edamame) भी पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं।
हालांकि, हर हरी सब्जी में पोटैशियम समान नहीं होता। इसे पकाने का तरीका और सर्विंग साइज भी मायने रखता है।
किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?
जिम लाउ चेतावनी देते हैं कि ज्यादा पोटैशियम हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है।
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अगर आपको किडनी की बीमारी (Chronic Kidney Disease) है, तो अतिरिक्त पोटैशियम खतरनाक हो सकता है।
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जो लोग ब्लड प्रेशर की कुछ खास दवाइयां (जैसे ACE inhibitors, ARBs या वॉटर पिल्स) ले रहे हैं, उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह के बिना पोटैशियम का सेवन नहीं बढ़ाना चाहिए।
डाइट में कैसे करें बदलाव?
आपको अपना पसंदीदा खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है, बस कुछ आसान बदलाव करें:
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सॉस कम करें: सॉस को पूरी तरह से बंद न करें, लेकिन इसकी मात्रा कम कर दें। सॉस को डिश में मिलाने के बजाय साइड में परोसें।
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पोटैशियम रिच साइड डिश: अगर आप हाई-सोडियम वाली डिश खा रहे हैं, तो उसके साथ हाई-पोटैशियम वाली उबली हुई सब्जियां लें।
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नेचुरल फ्लेवर: नमक और सॉस की जगह टमाटर, मशरूम, लहसुन, अदरक, धनिया और स्प्रिंग अनियन (Spring Onion) का इस्तेमाल ज्यादा करें, जो खाने में नेचुरल टेस्ट लाते हैं।
निष्कर्ष यही है कि अपने भोजन से नमक को पूरी तरह खत्म करने के बजाय, पूरी डाइट में सोडियम और पोटैशियम का बेहतर बैलेंस बनाने पर ध्यान दें।

