अब शेयर बेचने के बाद जल्दी मिलेगा पैसा? हांगकांग बाजार में T+1 की तैयारी

sentinelassam-english_2024-02_80d94f28-c0d3-407e-a3ee-73684c935851_earthq
Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

अमेरिकी शेयर बाजारों में जारी तेजी और मजबूत होते डॉलर के कारण उभरते बाजारों (emerging markets) पर पूंजी निकासी (capital outflow) का दबाव बढ़ गया है। इस चुनौती से निपटने और बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए हांगकांग के सिक्योरिटी वॉचडॉग ने कई बड़े सुधारों का खाका पेश किया है। सिक्योरिटीज एंड फ्यूचर्स कमीशन (SFC) की सीईओ जूलिया लेउंग ने शुक्रवार को एशियन सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल मार्केट्स एसोसिएशन (Asifma) के एक सम्मेलन में इन बदलावों की घोषणा की। इनमें ट्रेडिंग के घंटे बढ़ाने, सेटलमेंट साइकिल को छोटा करने, क्रॉस-मार्केट मार्जिनिंग और बोर्ड लॉट रिफॉर्म जैसे कदम शामिल हैं।

T+2 से T+1 सेटलमेंट पर शिफ्ट होने की तैयारी

बाजार की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए हांगकांग अब T+1 (ट्रेडिंग के एक कारोबारी दिन बाद सेटलमेंट) की तरफ बढ़ रहा है। लेउंग के मुताबिक, हांगकांग एक्सचेंजेज एंड क्लियरिंग (HKEX) जल्द ही T+2 से T+1 सेटलमेंट साइकिल पर शिफ्ट होने की टाइमलाइन का ऐलान करेगा।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से बाजार का रिस्क कम होगा, कैपिटल एफिशिएंसी (capital efficiency) में सुधार आएगा और हांगकांग प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कतार में खड़ा हो सकेगा। अमेरिका ने 2024 में ही T+1 सिस्टम अपना लिया है, जबकि यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड इसे अक्टूबर 2027 में लागू करने की योजना बना रहे हैं।

बोर्ड लॉट रिफॉर्म: एंट्री बैरियर कम करने की कोशिश

SFC ने बाजार में छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बोर्ड लॉट रिफॉर्म का भी ऐलान किया है। इसके तहत आठ स्टैंडर्डाइज्ड कैटेगरी बनाई गई हैं। अधिकतम बोर्ड लॉट वैल्यू की सीमा को घटाकर HK$50,000 (करीब US$6,370) कर दिया गया है, जबकि न्यूनतम सीमा को HK$1,000 पर लाया गया है।

लेउंग ने स्पष्ट किया कि इसका मकसद बाजार में एंट्री बैरियर को कम करना और स्टॉक ट्रेडिंग को ज्यादा सुलभ बनाना है। नए लिस्टिंग वाले इश्यू के लिए यह व्यवस्था जुलाई से लागू है, जबकि बाजार में पहले से मौजूद इश्यूअर्स पर यह इसी साल नवंबर से प्रभावी हो जाएगी।

मार्जिन ऑफसेट और सेम-डे सेटलमेंट की सुविधा

पूंजी के बेहतर इस्तेमाल के लिए SFC और HKEX मिलकर क्लियरिंग हाउसों में ‘मार्जिन ऑफसेट’ विकसित कर रहे हैं। इससे फंसी हुई पूंजी मुक्त होगी और उसका इस्तेमाल अधिक उत्पादक कार्यों में किया जा सकेगा। लेउंग ने यह भी जानकारी दी कि HKEX का क्लियरिंग हाउस (OTC Clear) इसी साल के अंत तक बॉन्ड डिपॉजिट और विड्रॉल के लिए ‘सेम-डे सेटलमेंट’ सुविधा शुरू कर देगा, जिससे नॉन-कैश कोलैटरल फंडिंग के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाएगा।

अमेरिकी बाजार से मिल रही है कड़ी टक्कर

SFC के आंकड़ों के अनुसार, इस साल हांगकांग शेयर बाजार का औसत दैनिक टर्नओवर HK$270 बिलियन के पार पहुंच गया है, जो 2023 की तुलना में 160 प्रतिशत अधिक है। इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से ‘स्टॉक कनेक्ट’ और ‘बॉन्ड कनेक्ट’ प्रोग्राम के जरिए मेनलैंड चीन से आने वाला फंड है, जिसने विशेष रूप से टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश बढ़ाया है। टर्नओवर के लिहाज से हांगकांग अब एशिया का तीसरा सबसे बड़ा एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट (ETP) बाजार बन गया है।

इन आंकड़ों के बावजूद हांगकांग बाजार के सामने बड़ी चुनौतियां कायम हैं। वैश्विक निवेशक लगातार अमेरिकी संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेश के उत्साह के कारण नैस्डैक (Nasdaq) और S&P 500 ने इस हफ्ते रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली है। इसके विपरीत, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) इस साल अब तक लगभग 5.5 प्रतिशत गिर चुका है।

Asifma ने किया सुधारों का स्वागत, टाइमलाइन पर जताई चिंता

हांगकांग के इन सुधारों पर Asifma के सीईओ पीटर स्टीन की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने T+1 सेटलमेंट की दिशा में उठाए गए कदम का समर्थन किया, लेकिन कंसल्टेशन प्रक्रिया के दौरान इसकी टाइमलाइन को लेकर चिंता जाहिर की।

स्टीन ने कहा कि न्यूयॉर्क और हांगकांग के समय में अंतर होने के कारण ट्रेड सेटलमेंट के लिए फंड मुहैया कराने और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) कन्वर्जन के लिए काफी कम समय (narrower window) मिलेगा। हालांकि, उन्होंने SFC द्वारा घोषित नए उपायों का स्वागत करते हुए कहा कि हांगकांग के ये कदम अन्य बाजारों के लिए एक शानदार मॉडल साबित होंगे।