ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर से मुंबई तक विरोध, योगेंद्र हिरासत में

yogendra yadav
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक व्यापक विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर और जनपथ मार्ग पर सैकड़ों छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विपक्षी दलों के नेता सड़कों पर उतर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा घेरा बनाते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत करीब 700 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

योगेंद्र यादव का तीखा हमला: ‘सड़क पर शुरू हो चुका है इम्पीचमेंट’

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद योगेंद्र यादव ने पुलिस वैन से एक वीडियो और तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया।

उन्होंने लिखा:

“संसद में इम्पीचमेंट होने दिया जाए या ना होने दिया जाए, दिल्ली की सड़क पर मुख्य चुनाव ‘अभियुक्त’ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इम्पीचमेंट शुरू हो चुका है। भाजपा और ज्ञानेश कुमार की जुगलबंदी अब देश नहीं सहेगा। ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो! SIR रद्द करो!”

इसके साथ ही उन्होंने दमनकारी नीतियों पर तंज कसते हुए लिखा—“दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे…”। हिरासत की कार्रवाई के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने छात्रों और युवाओं से दोबारा एकजुट होकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।

वोटर लिस्ट से नाम कटने पर यूथ कांग्रेस का अनोखा विरोध: बने ‘भूत’

जंतर-मंतर रोड स्थित भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता ‘भूत’ (Ghosts) की वेशभूषा धारण कर सड़क पर उतरे।

प्रदर्शन के दौरान उदय भानु चिब ने कहा कि आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मनमाने ढंग से लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। जब जिंदा नागरिकों के मताधिकार छीन लिए गए हैं, तो तंत्र की नजर में वे ‘भूत’ ही बन चुके हैं, इसलिए वे यह रूप धरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

माकपा (CPI-M) ने किया आंदोलन का समर्थन

छात्रों और युवाओं के इस आंदोलन का वामपंथी दलों ने खुला समर्थन किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) ने एक बयान जारी कर सभी पाबंदियों के बावजूद सड़कों पर उतरे युवाओं को बधाई दी।

माकपा ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और चुनाव आयोग (ECI) जैसी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता व तटस्थता को बनाए रखने के लिए यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी ने आम जनता से भी इस लोकतांत्रिक संघर्ष में शामिल होने की अपील की।

मुंबई में भी सड़कों पर उतरे लोग, दिल्ली मेट्रो बंद करने पर सवाल

दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों की गूंज सुनाई दी। शिवाजी पार्क और अन्य इलाकों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोला और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के वीडियो साझा किए।

सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिल्ली में जनपथ सहित अन्य मेट्रो स्टेशनों पर की गई पाबंदियों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब मुंबई के शिवाजी पार्क जैसे व्यस्त इलाकों में लोग लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दिल्ली में भय का माहौल बनाकर मेट्रो स्टेशनों को क्यों बंद किया जा रहा है?

दिनभर चले इस तनावपूर्ण गतिरोध के बीच जनपथ और जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक चुनाव आयोग मतदाता सूची में की गई कथित गड़बड़ियों पर जवाबदेही तय नहीं करता और निष्पक्षता की गारंटी नहीं देता, यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।