दुनिया के ऊर्जा संकट पर अल जाबेर की 5 प्राथमिकताएं, सप्लाई चेन पर जोर

आबू धाबी में सोमवार (2 नवंबर 2026) को दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा सम्मेलनों में से एक ADIPEC 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री तथा ADNOC के प्रबंध निदेशक और ग्रुप सीईओ डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर (Dr. Sultan Ahmed Al Jaber) ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को केवल उत्पादन के पैमाने पर नहीं, बल्कि उसकी सुगम और सुरक्षित डिलीवरी के आधार पर मापा जाना चाहिए।
आपूर्ति श्रृंखला में आई कमजोरी और इन्वेंट्री में भारी गिरावट
अपने संबोधन में अल जाबेर ने पिछले एक साल के दौरान सप्लाई चेन में आए व्यवधानों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पैदा हुए व्यवधानों के बाद से वैश्विक भंडार से करीब 1 अरब (एक बिलियन) बैरल कच्चा तेल निकल चुका है। इसके परिणामस्वरूप:
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कुछ बाजारों में डीजल का स्टॉक पिछले 35 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
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कई क्षेत्रों में 600 अरब क्यूबिक फीट का एलएनजी (LNG) आपूर्ति संकट खड़ा हो गया है।
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अल जाबेर के मुताबिक, दुनिया के ‘सप्लाई बफर’ (आपूर्ति बफर) में भारी कमी आई है।
वित्तीय मोर्चे पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। व्यवधान से पहले किसी बैरल की लागत में लॉजिस्टिक्स की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से भी कम हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
भविष्य के झटकों से निपटने के लिए 5 अहम प्राथमिकताएं
भविष्य में इस तरह के ऊर्जा झटकों के प्रभाव को कम करने के लिए अल जाबेर ने ऊर्जा उद्योग के सामने पांच सूत्रीय रणनीति रखी:
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सुलभ आपूर्ति (Accessible Supply): रणनीतिक भंडारण का विस्तार करना, उत्पादों के बड़े स्टॉक तैयार करना और उपभोक्ता बाजारों के करीब रिफाइनिंग क्षमता को लचीला बनाना।
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बाजार तक पहुंचने के मार्ग (Routes to Market): आपूर्ति तभी मायने रखती है जब वह सही समय पर पहुंचे। इसके लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण मांग पैदा होने से पहले ही करना होगा, जिसे उन्नत लॉजिस्टिक्स का समर्थन प्राप्त हो।
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परिचालन बुद्धिमत्ता (Operational Intelligence): स्वचालित प्रणालियों से आगे बढ़कर ऐसी बुद्धिमान ऊर्जा प्रणालियों की ओर बढ़ना जो जोखिम का अनुमान लगाएं, प्रदर्शन को अनुकूलित करें और लागत कम करें।
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पूंजी और विश्वास (Capital follows Confidence): नीतियों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जो निवेशकों में भरोसा जगाए, वित्तपोषण उसे गति दे और बीमा क्षेत्र वैश्विक व्यापार को सुचारू रूप से चलाए रखे।
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मानव संसाधन (People): अल जाबेर के अनुसार यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। हर बैरल के सुरक्षित पहुंचने के पीछे एक इंसान की मेहनत होती है। प्रणालियां जिम्मेदारी नहीं उठातीं, लोग उठाते हैं।
यूएई का लचीलापन और भविष्य की राह
यूएई की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने इस संकट का सामना करने के लिए अपनी रणनीति बहुत पहले ही तैयार कर ली थी। ADNOC के एकीकृत व्यापार, मानव संसाधन में निवेश और विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि XRG के वैश्विक गैस, रसायन और ऊर्जा समाधान पोर्टफोलियो के साथ देश एक ‘एंड-टू-एंड’ और एआई-सक्षम ऑपरेटिंग मॉडल पर काम कर रहा है। ADNOC का लक्ष्य दुनिया की सबसे अधिक ग्राहक-केंद्रीकृत ऊर्जा कंपनी बनना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारी दबाव के बावजूद यूएई ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। यहां टैलेंट और पूंजी टिकी रही, निवेश का प्रवाह जारी रहा और अर्थव्यवस्था की गति नहीं रुकी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने वैश्विक साझीदारों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब आप यूएई पर भरोसा कर सकते हैं।”

