महंगाई : फ्रांस में सड़कों पर उतरे लोग, पुलिस ने 1,314 को किया गिरफ्तार

फ्रांस में जीवन यापन की बढ़ती लागत (Cost of living) और सार्वजनिक सेवाओं के मुद्दे पर शनिवार को हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं। फ्रांस के गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने क्रैकडाउन करते हुए 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक आंकड़ों और यूनियनों के अनुमान के अनुसार, पूरे देश में करीब 4 लाख 10 हजार से 8 लाख लोगों ने 289 रैलियों और सभाओं में हिस्सा लिया।
पेरिस और अन्य शहरों में हिंसक झड़पें
जिन रैलियों के लिए पहले से रूट तय किए गए थे और सुरक्षा व्यवस्था थी, उन्हें शांतिपूर्वक निकलने दिया गया। लेकिन पेरिस, मार्सिले, बोर्डो, टूलूज़ और टूर्स जैसे बड़े शहरों में अधिकारियों के मुताबिक “हाई-रिस्क” वाले कट्टर वामपंथी गुटों ने रैलियों के दौरान हंगामा किया। इन गुटों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर और अन्य चीजें फेंकीं, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ उनकी सीधी झड़पें हुईं। जवाब में पुलिस ने रैलियों के अंत में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनों को देखते हुए पूरे देश में लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते रात का समय अपेक्षाकृत शांत रहा। प्रशासन का दावा है कि पिछले शनिवार (17 अक्टूबर) की तुलना में इस बार संपत्ति का नुकसान कम हुआ है। 17 अक्टूबर को हुई व्यापक आगजनी और लूटपाट के दौरान करीब 2,628 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
यूरोप के अन्य देशों में भी प्रदर्शन
फ्रांस की सड़कों पर उतरी इस भीड़ का मुख्य गुस्सा महंगाई, अंडरफंडेड स्कूलों, सार्वजनिक सुविधाओं की कमी और बढ़ती असमानता को लेकर है। लगातार कई हफ्तों से छात्र, यूनियनें और आम नागरिक इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फ्रांस के अलावा स्पेन, पुर्तगाल, इटली और अल्बानिया में भी महंगाई और जीवन यापन के खर्च को लेकर इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

