चौराहे पर मिसाइल लगाओ और काजी कैंप पर गिरा दो: बीजेपी विधायक रामेश्वर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामेश्वर शर्मा के एक विवादित बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। जन्माष्टमी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से उन्होंने करौंद चौराहे पर मिसाइल लगाकर काजी कैंप पर गिराने की बात कही। बयान के बाद उठे विवाद पर विधायक ने सफाई देते हुए इसे पाकिस्तान के इस्लामाबाद का इलाका बताया, जिसे कांग्रेस ने सिरे से खारिज करते हुए विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
मंच से क्या बोले विधायक रामेश्वर शर्मा?
भोपाल के करौंद चौराहे पर आयोजित जन्माष्टमी समारोह में रामेश्वर शर्मा लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान देश के विकास और रक्षा क्षेत्र की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “जब लोग कहते थे कि हम सुई तक नहीं बना सकते, तब मोदी जी ने कहा कि हम मिसाइल बनाएंगे… करौंद चौराहे पर मिसाइल लगा दो और काजी कैंप पर गिरा दो।”
मंच से दिया गया यह बयान सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, भाषण के दौरान ही उन्होंने तुरंत अपनी बात को संभालते हुए सफाई दी कि वह भोपाल वाले काजी कैंप की बात नहीं कर रहे थे, बल्कि उनका इशारा पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप की ओर था।
‘इस्लामाबाद में कोई काजी कैंप नहीं’: कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने विधायक की इस सफाई को झूठा करार दिया है। पार्टी का कहना है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में काजी कैंप नाम का कोई इलाका ही नहीं है। भोपाल शहर के भीतर काजी कैंप एक मुस्लिम-बहुल रिहायशी इलाका है, जिसे विधायक ने जानबूझकर अपने भाषण में निशाना बनाया और अब पकड़े जाने पर मनगढ़ंत दलीलें दे रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि खुले मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सीधे तौर पर नफरत फैलाना और समाज को बांटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक लगातार हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण के जरिए राजनीति करते आए हैं, जो संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग, संघ प्रमुख का भी दिया हवाला
कांग्रेस ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस भड़काऊ भाषण का स्वतः संज्ञान लिया जाए, विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
अभिनव बरोलिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि खुद संघ प्रमुख समाज में सद्भाव बिगाड़ने वाली और नफरती बयानबाजी से बचने की सलाह देते हैं। ऐसे में संघ नेतृत्व को भी स्पष्ट करना चाहिए कि अपनी ही पार्टी के ऐसे नेताओं की सोच और कार्यशैली पर उनका क्या रुख है।
