बिहार बाढ़: 29 लाख लोग प्रभावित, सारण में टूटा बांध; मंदिर भी बहा

बिहार में नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के 13 जिलों के बड़े इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे करीब 29 लाख लोग प्रभावित हैं और 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने रेस्क्यू और रिलीफ के लिए 1,429 नावें लगाई हैं और अलग-अलग जिलों में 190 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं। सोमवार को सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण में राहत शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
भागलपुर में 100 साल पुराना मंदिर बहा, 178 गांव जलमग्न
भागलपुर में गंगा और कोसी नदी के उफान से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। जिले की 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं। कटान के कारण कई घर नदी में समा गए हैं और एक 100 साल पुराना मंदिर भी पानी में बह गया। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे के मुताबिक, जिले में 2,17,811 लोग प्रभावित हैं। अब तक 22,035 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की 5 टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं।
सारण में टूटा माही नदी का बांध
सारण जिले में सरयू, गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दरियापुर प्रखंड की मुजौना पंचायत के सेमरिहिया गांव के पास माही नदी का बांध टूटने से दरियापुर और दिघवारा प्रखंडों में स्थिति और खराब हो गई है। रविवार को प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव ने उन्हें चल रहे राहत कार्यों का ब्योरा दिया।
राहत शिविरों में भोजन और मवेशियों का इंतजाम
प्रभावित इलाकों में बड़े स्तर पर राहत कार्य जारी हैं। भागलपुर में 71 नावों का इस्तेमाल हो रहा है और 4 हजार पॉलीथिन व तिरपाल बांटे गए हैं। जिले में 15 सामुदायिक रसोइयां चल रही हैं, जहां एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। टीएनबी कॉलेजिएट समेत सात जगहों पर रिलीफ कैंप बनाए गए हैं और 9,343 पशुओं का पंजीकरण कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
तेजस्वी की मांग- इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बाढ़ के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की मांग की है। तेजस्वी ने कहा कि बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और कनेक्टिविटी बाधित होने से लाखों लोगों का जीवन संकट में है।
