2030 से पहले बिहार में ही मिलेगा रोजगार? सम्राट चौधरी ने बताया बड़ा लक्ष्य

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शैलेन्द्र कुमार झा
शैलेन्द्र कुमार झा

बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए अब दूसरे राज्यों में भटकना नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों का एक मजबूत नेटवर्क विकसित कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित महवल औद्योगिक क्षेत्र में ‘मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर और साझा सुविधा केंद्र’ का भव्य उद्घाटन किया।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 140.95 करोड़ रुपये की लागत आई है।

2030 से पहले पलायन रोकने का लक्ष्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज भी बिहार के करीब 12 लाख लोग मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य 2030 से पहले इस पलायन को रोकना और लोगों को उनके अपने राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई (MSME), भारी उद्योग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएम ने उद्योगपतियों से बिहार में निवेश की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ ‘निवेश प्रस्ताव’ जुटाना नहीं है, बल्कि धरातल पर कारखाने स्थापित करना है।

30 दिन में बनेगी नीतियां, डेटा सेंटर में 10 लाख करोड़ का निवेश

उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों की त्वरित जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित क्षेत्र के लिए महज 30 दिनों के भीतर नई नीति बनाई जाएगी। इस मौके पर उद्योग विभाग और ‘फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट’ (FDDI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए। कई औद्योगिक इकाइयों को शेड और भूमि आवंटन पत्र भी सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने आईटी (IT) क्षेत्र में बड़े लक्ष्य की घोषणा करते हुए कहा कि 2030 से पहले बिहार में 1,000 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा। इससे करीब 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना बनेगी। उन्होंने बताया कि पटना में 12 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर पहले ही काम शुरू कर चुका है।

मुजफ्फरपुर में एयरपोर्ट और ड्राई पोर्ट

परिवहन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए मुजफ्फरपुर के पताही में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में काम चल रहा है। इसके साथ ही, स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंचाने के लिए ड्राई पोर्ट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

रैपिड रेल और युवाओं के लिए 10 लाख का लोन

मुख्यमंत्री ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए मुजफ्फरपुर से पटना और पटना से गया तक ‘रैपिड रेल’ (Rapid Rail) चलाने की योजना का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है और जल्द ही मुजफ्फरपुर व दरभंगा में भी ऐसे क्लस्टर बनेंगे। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उद्यमी बनाने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दे रही है, जिसमें 5 लाख रुपये का अनुदान (सब्सिडी) और 5 लाख रुपये कम ब्याज पर कर्ज के रूप में दिए जाते हैं।