सबसे बड़े IPO पर सबकी नजर, जानिए Jio के शेयर का भाव और लॉट साइज

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) लाने जा रही है। करीब 30,000 करोड़ रुपये का यह मेगा इश्यू 21 अक्टूबर 2026 को आम निवेशकों के लिए खुलेगा। कंपनी ने इसके लिए 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
इस आईपीओ के जरिए कंपनी की योजना बाजार से भारी-भरकम पूंजी जुटाने की है, जिससे इसका अनुमानित बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यूएशन) लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
आईपीओ की महत्वपूर्ण तारीखें और लॉट साइज
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। बड़े संस्थागत निवेशकों (Anchor Investors) के लिए आवेदन की प्रक्रिया दो दिन पहले, यानी 19 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होगा और 28 अक्टूबर 2026 तक स्टॉक मार्केट में इसकी लिस्टिंग होने की संभावना है।
रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। अगर कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड (1,119 रुपये) पर बोली लगाता है, तो उसे एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये का निवेश करना होगा।
ह्युंडई का रिकॉर्ड टूटेगा, फ्रेश इश्यू से जुटाया जाएगा पैसा
अपर प्राइस बैंड पर इस इश्यू का कुल साइज करीब 30,213 करोड़ रुपये बैठेगा। पूरी क्षमता से भर जाने पर यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। इससे पहले यह रिकॉर्ड ह्युंडई मोटर इंडिया के नाम था, जिसका 27,856 करोड़ रुपये का आईपीओ अक्टूबर 2024 में आया था।
इस इश्यू की खास बात यह है कि इसमें मौजूदा निवेशक (जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, गूगल और मेटा) अपनी हिस्सेदारी (OFS के जरिए) नहीं बेच रहे हैं। कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी, यानी आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी। कंपनी इस फंड का बड़ा हिस्सा अपनी टेलीकॉम इकाई ‘रिलायंस जियो इंफोकॉम’ के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा कुछ फंड भविष्य के कारोबारी विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए रिजर्व कोटा
आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा पात्र शेयरधारकों और जियो के पात्र कर्मचारियों के लिए अलग से रिजर्वेशन तय किया गया है। रिलायंस के शेयर होल्डर्स के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। वहीं, कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर बचाकर रखे गए हैं। हालांकि, इसका फायदा उठाने के लिए तय नियमों और शर्तों को पूरा करना होगा।
कैसी है जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय सेहत?
निवेश के लिहाज से कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के परिचालन राजस्व (Operating Revenue) में 14.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 1,46,885 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों से पहले की कमाई) 18.8% बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में 15.1% का उछाल आया और कंपनी ने कुल 30,049 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। लगातार बढ़ता मुनाफा और रेवेन्यू कंपनी के मजबूत कारोबारी मॉडल को दर्शाता है।

