Pension: महीनों से अटके क्लेम पर बड़ा अपडेट, इन कदमों से होगा निपटारा

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अजमल शाह
अजमल शाह

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से हायर पेंशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। उच्च पेंशन से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदन वेरिफिकेशन और पुराने रिकॉर्ड की जांच में समय लगने के कारण लंबित थे। अब इन मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए EPFO ने प्रक्रिया में कई प्रशासनिक बदलाव किए हैं।

इन उपायों की जानकारी लोकसभा में दी गई है। EPFO की ओर से लंबित आवेदनों की निगरानी, रिकॉर्ड के सत्यापन और क्षेत्रीय कार्यालयों में मामलों के निपटारे को लेकर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन से शुरू हुई प्रक्रिया

हायर पेंशन के लिए पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को जॉइंट ऑप्शन जमा करने के लिए EPFO ने ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया है। इससे आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा करने और मामलों को एक केंद्रीय व्यवस्था के जरिए ट्रैक करने की सुविधा मिली।

इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन से जुड़ी शुरुआती कागजी प्रक्रिया को कम करना और संबंधित मामलों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।

पुराने रिकॉर्ड की जांच पर जोर

हायर पेंशन के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण चरण पुराने वेतन और अंशदान से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन है। इसके लिए EPFO नियोक्ताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड का अपने डेटाबेस में मौजूद जानकारी से मिलान करता है।

इस जांच के दौरान कर्मचारी के वेतन और पहले किए गए अंशदान से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है। रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर संबंधित नियोक्ता से जानकारी हासिल करनी पड़ सकती है, जिससे किसी-किसी मामले में प्रक्रिया लंबी हो जाती है।

क्षेत्रीय कार्यालयों को निपटारे की जिम्मेदारी

लंबित मामलों को आगे बढ़ाने के लिए EPFO के जोनल और क्षेत्रीय कार्यालयों को हायर पेंशन के आवेदनों के निपटारे को लेकर निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर नियोक्ता से जुड़े रिकॉर्ड या दूसरी दिक्कतों को दूर करने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।

इसका मकसद यह है कि छोटी प्रशासनिक या रिकॉर्ड संबंधी समस्या के कारण किसी आवेदन को लंबे समय तक लंबित न रखा जाए।

वरिष्ठ अधिकारी कर रहे मामलों की निगरानी

EPFO के वरिष्ठ अधिकारी जोनल और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लंबित मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। इन बैठकों में अलग-अलग कार्यालयों में हुए निपटारे, अटके मामलों और प्रक्रिया में सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली जाती है।

जिन कार्यालयों में काम अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है, वहां की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

आखिर हायर पेंशन के आवेदन क्यों अटके?

हायर पेंशन का मामला नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुला। पात्र कर्मचारियों को निर्धारित वेतन सीमा के बजाय वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन योगदान का विकल्प मिला।

इसके बाद EPFO के पास बड़ी संख्या में जॉइंट ऑप्शन और हायर पेंशन से जुड़े आवेदन पहुंचे। इतने बड़े पैमाने पर मामलों के साथ पुराने अंशदान और वेतन रिकॉर्ड की जांच भी करनी थी।

कई मामलों में रिकॉर्ड में अंतर, नियोक्ता की ओर से सत्यापन में देरी और पुराने दस्तावेजों की जांच जैसी वजहों से आवेदन लंबित हुए। यही वजह है कि हायर पेंशन के मामलों को निपटाना सामान्य पेंशन प्रक्रिया की तुलना में अधिक जटिल रहा।

क्या अब जल्द मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन?

EPFO ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए आवेदन, रिकॉर्ड सत्यापन, क्षेत्रीय स्तर पर समाधान और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी—इन सभी स्तरों पर प्रक्रिया को सक्रिय किया है।

हालांकि, किसी कर्मचारी के मामले में हायर पेंशन का अंतिम निपटारा उसके रिकॉर्ड और पात्रता के सत्यापन पर निर्भर करेगा। इसलिए केवल प्रक्रिया तेज किए जाने का मतलब यह नहीं है कि हर लंबित क्लेम का भुगतान एक ही समय पर हो जाएगा।

जिन कर्मचारियों या पेंशनरों के आवेदन लंबे समय से लंबित हैं, उनके लिए अब सबसे अहम बात यह है कि EPFO संबंधित रिकॉर्ड की जांच और नियोक्ता से जुड़े सत्यापन को कितनी तेजी से पूरा करता है। यही प्रक्रिया पूरी होने के बाद हायर पेंशन और उससे जुड़े बकाये का मामला आगे बढ़ेगा।