‘विराट इस बात से नाराज थे’, कोहली के संन्यास पर वसीम जाफर का बड़ा दावा
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 7 मई और 12 मई 2025 की तारीखें क्रिकेट फैंस शायद ही कभी भूल पाएं। यही वे दो दिन थे जब आधुनिक क्रिकेट के दो सबसे बड़े दिग्गजों, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने क्रमशः टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था।
कोहली के संन्यास के करीब डेढ़ साल बाद, पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर (Wasim Jaffer) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। जाफर ने स्पष्ट रूप से दावा किया है कि विराट कोहली अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि चयन समिति के बुरे बर्ताव से आहत होकर संन्यास लेने पर मजबूर हुए थे।
अजीत अगरकर और चयन समिति पर गंभीर आरोप
विराट कोहली के टेस्ट रिटायरमेंट की खबर इसलिए भी चौंकाने वाली थी क्योंकि संन्यास से ठीक पहले उनके लाल गेंद (Red Ball) से अभ्यास करने के कई वीडियो सामने आए थे। ऐसा लग रहा था कि वे आगामी इंग्लैंड दौरे (England Tour) के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमेटी के रवैये से परेशान होकर ही विराट ने अचानक यह फैसला लिया था।
जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि विराट कोहली के साथ जैसा बर्ताव हुआ, उससे वह बिल्कुल खुश नहीं थे। विराट जैसा खिलाड़ी लोगों को स्टेडियम तक खींच लाता है, उनकी फैन फॉलोइंग इतनी तगड़ी है। विराट अभी काफी टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। वह पूरी तरह से इंग्लैंड टूर की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, जब तक हम खुद विराट के मुंह से यह नहीं सुन पाते, हमें पूरी सच्चाई का पता नहीं चलेगा।”
10 हजार रनों के जादुई आंकड़े से चूक गए थे कोहली
विराट कोहली जब टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हुए, तब वे इस फॉर्मेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज थे। उन्होंने अपने शानदार करियर में 9230 टेस्ट रन बनाए।
अगर वे कुछ और समय खेलते, तो आसानी से बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते थे। वह 10,000 टेस्ट रनों का जादुई आंकड़ा छूने से सिर्फ 770 रन दूर थे। वहीं, अगर वे 893 रन और बना लेते तो वह महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (10,122 रन) को भी पीछे छोड़ सकते थे।
खराब फॉर्म भी रही एक वजह
वसीम जाफर के दावों के इतर, एक सच्चाई यह भी है कि संन्यास के वक्त विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर की सबसे खराब फॉर्म से जूझ रहे थे।
उनके आखिरी टेस्ट आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं:
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पिछली 7 टेस्ट पारियों में उन्होंने केवल 85 रन बनाए थे।
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इन 7 पारियों में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर मात्र 36 रन था।
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अपनी आखिरी 13 टेस्ट पारियों में वह केवल एक ही बार पचास रनों (अर्धशतक) का आंकड़ा पार कर सके थे।
हालांकि, टेस्ट में संघर्ष करने वाले कोहली ने वनडे में अपनी फॉर्म बरकरार रखी थी। साल 2026 में खेली गई 9 वनडे पारियों में उन्होंने 69 के शानदार औसत से 552 रन बनाए हैं, जो साबित करता है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका बल्ला अब भी आग उगल रहा है।

