अखिलेश यादव ने उठाया वोटर लिस्ट का मुद्दा, जांच के बाद गिरी गाज

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां की एक विधानसभा सीट की सूची में ‘विकास यादव’ नाम के एक ही व्यक्ति का नाम 13 बार दर्ज मिला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को लखनऊ में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद निर्वाचन विभाग ने मामले की जांच करवाई।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और अब बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
क्या मिला निर्वाचन विभाग की जांच में?
निर्वाचन विभाग की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा क्षेत्र 347-आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज पाया गया। जांच में सामने आया कि इनमें से दो नामों को पहले ही हटाया जा चुका था, जबकि बाकी 11 नाम अलग-अलग व्यक्तियों के पाए गए। इन 11 में से केवल एक मतदाता का नाम सही पाया गया है, जबकि अन्य 10 लोगों के नाम और विवरण में सुधार किया जाएगा।
कंप्यूटर सहायक और 5 BLO पर एक्शन
इस भारी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति और पांच बीएलओ को वोटर लिस्ट के काम से तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन पांच बीएलओ पर कार्रवाई हुई है, उनमें गीता देवी प्रथम, गीता देवी द्वितीय, सुनीता देवी, शीला देवी (ये चारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं) और रोजगार सेवक उमेश कुमार यादव शामिल हैं। विभाग अब इन सभी की सेवाएं समाप्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
SDM और ERO को भी जारी होगा आरोप पत्र
मतदाता सूची तैयार करने और उसके पर्यवेक्षण (Supervision) में लापरवाही बरतने को लेकर बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और तत्कालीन सदर एसडीएम नरेंद्र गंगवार के साथ-साथ दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सहायक अधिकारियों में आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. मोनिका अग्रवाल और तत्कालीन नायब तहसीलदार (सदर) माधवेंद्र प्रताप सिंह का नाम शामिल है। इन सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत इन सभी अधिकारियों, कंप्यूटर सहायक और बीएलओ को कार्रवाई से पहले नोटिस दिया जाएगा।
पूरे जिले की वोटर लिस्ट की होगी जांच
इस घटना के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को सख्त निर्देश दिए हैं। जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इसी तरह की अन्य गड़बड़ियों की गहन जांच करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

